Chainasa: वित्तीय वर्ष 2026-27 की ग्राम पंचायत विकास योजना की तैयारी को लेकर बंदगांव प्रखंड की छह पंचायतों के ग्राम पंचायत सहजकर्ता दल का दो दिवसीय प्रशिक्षण नकटी पंचायत भवन सभागार में संपन्न हुआ. प्रशिक्षण का संचालन ग्राम पंचायत विकास योजना के मास्टर प्रशिक्षक जगन्नाथ मुण्डा, प्रखंड समन्वयक प. राज तथा मास्टर प्रशिक्षक अनीता पूर्ती ने किया. प्रशिक्षण के दौरान ग्राम पंचायत विकास योजना की तैयारी की प्रक्रिया, ग्राम सभा की भूमिका, प्राथमिकता निर्धारण तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से जानकारी दी गई.
योजना निर्माण और ग्राम सभा की भूमिका पर दिया गया प्रशिक्षण
प्रशिक्षकों ने बताया कि ग्राम पंचायत विकास योजना 2026-27 के तहत पंद्रहवें वित्त आयोग की योजनाओं के साथ-साथ केंद्र सरकार की नई योजना “विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)” के कार्यों को भी शामिल किया जाएगा.
प्रशिक्षण में विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) की प्रमुख विशेषताओं की जानकारी देते हुए बताया गया कि मनरेगा के तहत अब पात्र परिवारों को 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है. काम मांगने के बाद निर्धारित समय में रोजगार नहीं मिलने पर पात्र परिवारों के बैंक खाते में बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा. योजना के अंतर्गत जल संरक्षण, ग्रामीण सड़क एवं पुल निर्माण, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, सौर ऊर्जा चालित प्रकाश व्यवस्था, कौशल विकास केंद्र, पशुपालन, मत्स्य पालन तथा वृक्षारोपण जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी. साथ ही भुगतान साप्ताहिक आधार पर किया जाएगा तथा कार्यों की निगरानी वैश्विक स्थान निर्धारण प्रणाली (GPS) एवं मोबाइल निगरानी प्रणाली के माध्यम से की जाएगी.
गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने की अपील
प्रशिक्षकों ने कहा कि विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) सहित सभी विकास योजनाओं का चयन ग्राम सभा की सहमति से किया जाएगा. ग्राम पंचायत सहजकर्ता दल के सदस्यों की जिम्मेदारी होगी कि वे गांव-गांव जाकर ग्रामीणों को जागरूक करें तथा उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं को ग्राम पंचायत विकास योजना में शामिल कराने में सहयोग करें. इस दौरान बंदगांव प्रखंड की सात पंचायतों के ग्राम पंचायत सहजकर्ता दल की समिति की बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई.

प्रशिक्षण में मुख्य रूप से बीओ विजय सिंह जोंको, मुखिया मिथुन गगराई, कुश पूर्ती, सावित्री मेलगंडी, सुखमति जोंको, लक्ष्मी गगराई, सिलवंती ओड़िया, पंचायत सचिव हर्षी केश नायक, उमाकांत महतो, प्रकाश कुमार, पंचायत सहायक तथा झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी के कर्मी उपस्थित थे.
