Lohardaga: प्रखंड कार्यालय परिसर में मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को पूर्व मंत्री सह स्थानीय विधायक एवं आंतरिक संसाधन एवं केंद्रीय सहायता समिति के सभापति डॉ. रामेश्वर उरांव ने जनसुनवाई चौपाल लगाकर आमजनों एवं कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनीं. जनसुनवाई में प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे. विधायक ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया. वहीं, जिन मामलों का तत्काल निष्पादन संभव नहीं था, उनके लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

राशन कार्ड से लेकर सड़क और बिजली तक की समस्याएं
जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने राशन कार्ड, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, जमीन विवाद, पेयजल, सड़क, बिजली एवं ट्रांसफार्मर सहित विभिन्न समस्याएं विधायक के समक्ष रखीं. ग्रामीणों ने अपनी व्यक्तिगत और सामुदायिक समस्याओं से भी उन्हें अवगत कराया. विधायक ने अधिकारियों से संबंधित मामलों की जानकारी लेते हुए समस्याओं के शीघ्र निष्पादन पर जोर दिया.
जनता को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें: विधायक
विधायक डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि जनसुनवाई कार्यक्रम सभी प्रखंडों में चलाया जा रहा है, ताकि आम जनता को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें. उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते उनकी प्राथमिकता जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को समझना और उनका यथासंभव त्वरित समाधान कराना है.

अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे सरकारी योजनाओं का लाभ
डॉ. उरांव ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना जरूरी है. कोई भी ग्रामीण सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे, इसके लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से ग्रामीणों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहने और योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने की अपील की.
विधायक निधि से विकास कार्यों को मिल रही गति
विधायक ने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर विधायक निधि से विभिन्न विकास कार्य कराए जा रहे हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण एवं मरम्मत, पुल-पुलिया निर्माण सहित आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि विकास का उद्देश्य केवल सड़क, बिजली और पानी तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्र की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखना भी जरूरी है.
अखाड़ा और धुमकुड़िया के जरिए संस्कृति संरक्षण पर जोर
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सांस्कृतिक उत्थान के लिए अखाड़ा और धुमकुड़िया का निर्माण कराया जा रहा है, ताकि आधुनिक विकास के साथ-साथ झारखंड की पारंपरिक पद्धतियां, संस्कृति और मान्यताएं भी सुरक्षित रह सकें. उन्होंने कहा कि विकास और संस्कृति एक-दूसरे के पूरक हैं तथा नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़कर रखना समाज की जिम्मेदारी है.
शिकायतों के समयबद्ध निष्पादन का निर्देश
जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों में अपनी समस्याओं के समाधान को लेकर उत्साह देखा गया. कई ग्रामीणों ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर अपनी समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया शुरू कराई. विधायक ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर उनका निष्पादन सुनिश्चित किया जाए.
बड़ी संख्या में ग्रामीण और कार्यकर्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम में ठाकुर प्रसाद, सहादत हुसैन, प्रखंड अध्यक्ष सत्यदेव भगत, युवा प्रदेश महासचिव विशाल डुंगडुंग, महिला जिलाध्यक्ष सीमा परवीन, प्रमुख सुचित्रा भगत, उपप्रमुख ऐनुल अंसारी, रौनक इकबाल, असलम अंसारी, निश्चय वर्मा, कूदूस अंसारी, अंसार अहमद, सकीम अंसारी, वीरेंद्र उरांव, मंगलेश्वर उरांव, कबीर अंसारी, कुलदीप खाखा, सरिता खलखो, सरिता देवी, सुशीला देवी, बिमला उरांव, अमृता भगत, जसमती उरांव, सुनीता उरांव, शंकर उरांव, रमेश उरांव, लालमूनी उरांव, ललकारेन एक्का, गोल्डन कुरैशी, कमरुल इस्लाम, अबू रेहान, इलियास अंसारी, जमशेद अंसारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे.
जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता: विधायक
जनसुनवाई चौपाल के माध्यम से विधायक ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान और क्षेत्र का समग्र विकास उनकी प्राथमिकता है. उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि आगे भी इसी तरह प्रखंड स्तर पर जनसुनवाई आयोजित कर समस्याओं का समाधान कराने का प्रयास जारी रहेगा.
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