Jamshedpur: पूर्वी सिंहभूम जिले के विभिन्न इलाकों से रेस्क्यू किए गए करीब 35 सांपों को सुरक्षित रूप से तलसा जंगल में छोड़ दिया गया. इनमें कोबरा, सैंड बोआ, इंडियन कॉमन क्रेट, वुल्फ स्नेक, धामिन और वाटर स्नेक जैसी कई प्रजातियां शामिल थीं. छोटू स्नेक बॉय और उनकी टीम पिछले 15 वर्षों से घरों, रिहायशी इलाकों और सार्वजनिक स्थानों से जहरीले और गैर-जहरीले सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें जंगल में छोड़ने का कार्य कर रही है. मानसून और गर्मी के मौसम में टीम लगातार लोगों की सुरक्षा के लिए सक्रिय रहती है.
“सांपों को मारना नहीं, बचाना हमारा उद्देश्य”
छोटू स्नेक बॉय ने कहा कि उनका उद्देश्य सांपों को मारना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित जंगल तक पहुंचाना है. उन्होंने बताया कि अधिकांश सांप इंसानों को देखकर खुद ही दूर चले जाते हैं, लेकिन डर के कारण लोग उन्हें मार देते हैं, जो गलत है. रेस्क्यू के साथ-साथ टीम लोगों को सांपों के महत्व और उनके संरक्षण के प्रति भी जागरूक कर रही है. उन्होंने बताया कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सांपों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है.

वन विभाग ने की अपील
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं सांप दिखाई दे तो उसे नुकसान न पहुंचाएं. इसकी सूचना तुरंत स्नेक रेस्क्यू टीम या वन विभाग को दें, ताकि सुरक्षित तरीके से उसका रेस्क्यू किया जा सके.
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