Koderma: विभागीय एवं उपायुक्त के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों और टोबैको कंट्रोल सेल की संयुक्त टीम ने चंदवारा प्रखंड के तिलैया डैम थाना क्षेत्र के बाजार में अभियान चलाया. टीम ने करीब 25 होटल, खाद्य प्रतिष्ठानों और फूड स्टॉल का निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की जांच की.

छोले, चटनी और हल्दी में मिला हानिकारक रंग
जांच के दौरान कुछ ठेला और होटल में बिक रहे छोले, चटनी, हल्दी समेत अन्य खाद्य पदार्थों में अखाद्य एवं स्वास्थ्य के लिए हानिकारक रंग पाए गए. टीम ने मौके पर ही ऐसी खाद्य सामग्री को नष्ट कर दिया. साथ ही संबंधित कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी गई.होटलों में पनीर, खोआ, मिठाई, चाट, छोले और चटनी की भी जांच की गई. संचालकों को केवल FSSAI से अनुमोदित फूड कलर का निर्धारित मात्रा में इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया. मिठाइयों में मिलावटी वर्क के बजाय शुद्ध चांदी का वर्क इस्तेमाल करने को कहा गया.
बिना फूड लाइसेंस कारोबार पर कार्रवाई की चेतावनी
निरीक्षण के दौरान कई खाद्य प्रतिष्ठानों के पास वैध फूड लाइसेंस नहीं मिला. ऐसे कारोबारियों को नजदीकी प्रज्ञा केंद्र या सदर अस्पताल, कोडरमा स्थित खाद्य सुरक्षा कार्यालय में आवेदन कर जल्द लाइसेंस लेने का निर्देश दिया गया.अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अगली जांच में बिना लाइसेंस कारोबार करते पाए जाने पर अर्थदंड लगाया जाएगा. वहीं गलत जानकारी देकर फूड लाइसेंस हासिल करने वाले कारोबारियों का लाइसेंस निलंबित करने और जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाएगी.
खुली सिगरेट और गुटखा बेचने पर 2 हजार का जुर्माना
टोबैको कंट्रोल अभियान के दौरान चार दुकानों में खुली सिगरेट और गुटखा की बिक्री पकड़ी गई. इन दुकानदारों से कुल 2,000 रुपये का जुर्माना वसूला गया. दुकानदारों को बताया गया कि खुली सिगरेट और तंबाकू उत्पादों की बिक्री कोटपा कानून का उल्लंघन है. इसके अलावा स्कूल, अस्पताल और सरकारी कार्यालय समेत निर्धारित स्थानों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री नहीं करने और अनिवार्य चेतावनी पोस्टर लगाने का निर्देश दिया गया.
बंदना स्वीट्स की भी हुई जांच
झुमरी तिलैया स्थित बंदना स्वीट्स के खिलाफ सोशल मीडिया पर मिली शिकायत की भी टीम ने जांच की. अधिकारियों ने प्रतिष्ठान के कारखाने, स्टोर और रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया. जांच के बाद फूड लाइसेंस में आवश्यक संशोधन कराने का निर्देश दिया गया. प्रतिष्ठान में तैयार नमकीन और बेकरी उत्पादों पर Use By Date और Best Before की तारीख अनिवार्य रूप से अंकित करने को कहा गया. साथ ही कर्मचारियों को खाद्य सुरक्षा से संबंधित प्रशिक्षण दिलाने का निर्देश दिया गया. मिठाई बनाने में हानिकारक हाइड्रो रसायनों के इस्तेमाल पर रोक लगाते हुए केवल FSSAI-अनुमोदित खाद्य योजकों का प्रयोग करने को कहा गया.
साफ-सफाई और एक्सपायरी खाद्य सामग्री को लेकर निर्देश
खाद्य कारोबारियों को प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई, स्वच्छता और हाइजीन का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए. फूड स्टॉल, कार्ट और ठेला संचालकों को अपना फूड लाइसेंस प्रदर्शित करना अनिवार्य बताया गया. अधिकारियों ने कारोबारियों को एक्सपायरी, बासी या सड़ी-गली खाद्य सामग्री को तत्काल नष्ट करने का निर्देश दिया. होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और फूड स्टॉल संचालकों से पनीर, खोआ, मिठाई समेत अन्य सामग्री केवल लाइसेंस प्राप्त और भरोसेमंद प्रतिष्ठानों से पक्का बिल लेकर खरीदने को कहा गया.
पैकेज्ड सामान की खरीद में भी सावधानी के निर्देश
मसाला, नमकीन, मिक्सचर, लड्डू, सॉस, कैंडी, बोतलबंद पानी और कोल्ड ड्रिंक जैसे पैकेज्ड खाद्य पदार्थों की खरीद-बिक्री से पहले FSSAI लाइसेंस नंबर, निर्माण तिथि, एक्सपायरी या Use By Date और निर्माता का पूरा पता जांचने का निर्देश दिया गया. कारोबारियों को सामान खरीदते समय पक्का बिल लेना भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने को कहा गया. अधिकारियों ने चेतावनी दी कि आगामी जांच में नियमों का उल्लंघन मिलने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
जांच टीम में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी कोडरमा-1 अभिषेक आनंद, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी कोडरमा-2 उमेश कुमार, जिला परामर्शी दीपेश कुमार, तिलैया डैम थाना के पुलिसकर्मी, खाद्य सुरक्षा कार्यालय के डेटा एंट्री ऑपरेटर धर्म प्रसाद समेत अन्य कर्मी शामिल रहे.
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