माध्यमिक आचार्य भर्ती परीक्षा: हाईकोर्ट का फैसला 29 अगस्त को, JSSC से पूछे कई सवाल

Ranchi: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित माध्यमिक आचार्य प्रतियोगिता परीक्षा में कथित हैकिंग और 2,819 अभ्यर्थियों की पुनर्परीक्षा के निर्णय...

Secondary Teacher Recruitment Exam: High Court verdict on August 29; several questions put to JSSC.

Ranchi: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित माध्यमिक आचार्य प्रतियोगिता परीक्षा में कथित हैकिंग और 2,819 अभ्यर्थियों की पुनर्परीक्षा के निर्णय को चुनौती देने वाली याचिका पर सोमवार को झारखंड हाईकोर्ट में विस्तृत सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की बहस और दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मामले में फैसला /सुनाने के लिए 29 अगस्त की तारीख निर्धारित की है. सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने JSSC से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे. कोर्ट ने जानना चाहा कि जिस कथित हैकिंग के आधार पर 2,819 अभ्यर्थियों की पुनर्परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया, उसकी जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से क्यों नहीं कराई गई.

JSSC की ओर से दिए गए जवाब पर कोर्ट ने  उठाए कई सवाल

इस संबंध में JSSC की ओर से दिए गए जवाब पर कोर्ट ने कई सवाल उठाए. प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता चंचल जैन, अधिवक्ता अभिजीत इंद्र गुरु एवं अधिवक्ता अभिषेक कुमार ने पक्ष रखा. अधिवक्ताओं ने कोर्ट के समक्ष यह सवाल उठाया कि परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी की रिपोर्ट के आधार पर ही इतना बड़ा निर्णय कैसे लिया गया जबकि किसी स्वतंत्र तकनीकी जांच एजेंसी से कथित हैकिंग की पुष्टि नहीं कराई गई. सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने यह भी जानना चाहा कि जिन परीक्षा केंद्रों से कथित हैकिंग होने की बात सामने आई है उनके खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है.

याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता ने कोर्ट के समक्ष रखीं तीन प्रमुख मांगें

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट करने को कहा कि कथित हैकिंग केवल कुछ कंप्यूटर सिस्टम तक सीमित थी या फिर पूरा परीक्षा केंद्र इससे प्रभावित हुआ था. याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता चंचल जैन, अभिजीत इंद्र गुरु एवं अभिषेक कुमार ने कोर्ट के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखीं. पहली यह कि पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए, ताकि कथित हैकिंग की वास्तविकता और जिम्मेदारी स्पष्ट हो सके. दूसरी यह कि अगर स्वतंत्र जांच में यह साबित होता है कि संबंधित अभ्यर्थियों की किसी प्रकार की संलिप्तता नहीं थी तो उनका ओरिजिनल रिजल्ट जारी किया जाए और उसी के आधार पर आगे की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाए. तीसरी यह कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएं चाहे वे अभ्यर्थी हों, परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी, JSSC के अधिकारी या फिर संबंधित परीक्षा केंद्र उनके विरुद्ध कानून के अनुसार उचित एवं कड़ी कार्रवाई की जाए.

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