जनजातीय संस्कृति को बाजार से जोड़ने पर जोर, राज्यपाल बोले- ‘परंपरा हमारी ताकत, नवाचार जरूरी’

Ranchi: ठाकुरबाड़ी मंदिर, बड़ा अखाड़ा में आयोजित जनजातीय गौरव उत्सव का सोमवार को समापन हुआ. कार्यक्रम में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने...

Emphasis on linking tribal culture with the market; Governor says, "Tradition is our strength, innovation is essential."

Ranchi: ठाकुरबाड़ी मंदिर, बड़ा अखाड़ा में आयोजित जनजातीय गौरव उत्सव का सोमवार को समापन हुआ. कार्यक्रम में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने जनजातीय संस्कृति, स्थानीय उत्पादों और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर दिया. राज्यपाल ने कहा कि जनजातीय समाज की कला, संस्कृति और परंपराएं देश की बड़ी ताकत हैं. जनजातीय समाज ने प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन जीने और अपनी परंपराओं को बचाने की मिसाल पेश की है. इन परंपराओं को बचाने के साथ लोगों को रोजगार से जोड़ना भी जरूरी है.

स्थानीय सामान को बड़े बाजार तक पहुंचाने की जरूरत

राज्यपाल ने कहा कि जनजातीय कला, हस्तशिल्प, हथकरघा और दूसरे स्थानीय उत्पादों को अच्छे डिजाइन, बेहतर गुणवत्ता और आकर्षक पैकेजिंग के साथ बाजार तक पहुंचाया जाए. इससे इन उत्पादों की मांग देश ही नहीं, विदेशों में भी बढ़ सकती है. उन्होंने कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसी योजनाओं से स्थानीय कारीगरों, छोटे कारोबारियों और महिलाओं के लिए आगे बढ़ने के नए रास्ते खुले हैं.

महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना जरूरी

राज्यपाल ने कहा कि आज महिलाएं कारोबार, हस्तशिल्प, खेती, खाद्य प्रसंस्करण समेत कई क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं. जब महिला आर्थिक रूप से मजबूत होती है तो उसका फायदा पूरे परिवार और समाज को मिलता है. उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों से महिला उद्यमियों और शिल्पकारों का उत्सव में शामिल होना अच्छी बात है. इससे उन्हें एक-दूसरे से सीखने और अपने उत्पादों के लिए नए बाजार तलाशने का मौका मिलता है.

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युवाओं को कौशल और रोजगार से जोड़ने पर जोर

राज्यपाल ने कहा कि झारखंड में जनजातीय संस्कृति के साथ-साथ हुनर और कारोबार की भी काफी संभावनाएं हैं. युवाओं को प्रशिक्षण, नई तकनीक, आर्थिक मदद और बाजार उपलब्ध कराया जाए तो वे अपने हुनर को रोजगार में बदल सकते हैं. इससे रोजगार बढ़ेगा और पलायन भी कम होगा. उन्होंने युवाओं से अपनी परंपराओं से जुड़े रहने के साथ नए कौशल और तकनीक सीखने की अपील की. राज्यपाल ने महिला उद्यमियों और कारीगरों से कहा कि वे अपने हुनर पर भरोसा रखें और बदलते बाजार के हिसाब से अपने उत्पादों में बदलाव करते रहें. उन्होंने कहा, परंपरा हमारी शक्ति है और नवाचार हमारी जरूरत है. राज्यपाल ने उम्मीद जताई कि जनजातीय गौरव उत्सव जैसे कार्यक्रम झारखंड की संस्कृति और पारंपरिक कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ महिलाओं और कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद करेंगे.

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