Ranchi: UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) के 10 साल पूरे हो गये. झारखंड के 1.69 करोड़ आबादी में 40 प्रतिशत लोग ऑनलाइन पेमेंट यानी यूपीआई का प्रयोग करते हैं. इससे यह स्पष्ट होता है कि झारखंड के लगभग 67.72 लाख लोग यूपीआई का प्रयोग करते हैं. पूरे देश में दस वर्षों में जून 2026 तक 55.49 करोड़ लोग यूपीआई का इस्तेमाल कर रहे हैं. UPI का प्रयोग करने में जेन-जी (Gen Z) यानी 17-25 वर्ष के युवओं की संख्या सबसे अधिक है.

वित्त वर्ष 2025-26 में UPI के जरिए हुए 24,162 करोड़ लेनदेन
सरकार ने बताया है कि इस वर्ष जून तक 55.49 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता UPI से जुड़ चुके हैं. लोकसभा में एक लिखित उत्तर में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में यूपीआई के जरिए 24,162 करोड़ लेनदेन हुए. उन्होंने बताया कि यूपीआई लेनदेन को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने कई कदम उठाए हैं. इनमें धोखाधड़ी रोकने के लिए जोखिम-आधारित लेनदेन सीमा, मोबाइल नंबर में अनधिकृत बदलाव और SMS आधारित प्रमाणीकरण के दुरुपयोग पर रोक तथा यूपीआई ऐप्स के लिए बेहतर सुरक्षा व्यवस्था शामिल है. वित्त राज्य मंत्री ने बताया कि यूपीआई को कई देशों की भुगतान प्रणालियों से जोड़ा गया है, जिससे व्यक्ति-से-व्यक्ति और व्यक्ति-से-व्यापारी भुगतान को आसान बनाया जा सके.
प्रधानमंत्री ने नागरिकों से अनुभव साझा का आग्रह किया, X पर किया पोस्ट
UPI के 10 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री ने नागरिकों से अपने UPI अनुभव साझा करने का आग्रह किया करते हुए X पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के बदलाव लाने वाले सफर को याद किया. इसे एक दशक पहले शुरू किया गया था और इसने भारत के डिजिटल पेमेंट के सफर में एक बड़ा बदलाव लाने वाला मोड़ साबित हुआ. पिछले दस वर्षों में UPI द्वारा हासिल किए गए बड़े पैमाने और पहुंच का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इसके शानदार सफर पर हर भारतीय को गर्व हो सकता है. प्रधानमंत्री ने नागरिकों से UPI के इस्तेमाल के अपने अनुभव और इसने उनके रोजमर्रा के जीवन पर कैसा असर डाला है, इस बारे में बताने का आग्रह किया.
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