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रेलवे-NHAI से जुड़े पेंच सुलझाएं: रांची पूर्वी-पश्चिमी प्रमंडल के अफसरों को रुकावटों की अलग सूची बनाने का निर्देश; जमीन और कानून-व्यवस्था की बाधाओं पर फौरन एक्शन
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चान्हो, मांडर और बुढ़मू पर गिरी गाज: स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत लक्ष्य में पिछड़ने पर डीसी सख्त, पेयजल से जुड़ी हर शिकायत का तुरंत समाधान करने के आदेश
Ranchi: जिले में जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत चल रही योजनाओं को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. मंगलवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित जिला जल एवं स्वच्छता समिति की समीक्षा बैठक में डीसी-सह-जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. ओडीएफ प्लस (ODF Plus) कार्यों में धीमी प्रगति पाए जाने पर चान्हो, मांडर और बुढ़मू के प्रखंड समन्वयकों को कारण बताओ नोटिस (शोकॉज) जारी करने का आदेश दिया गया.

एमवीएस और एसवीएस के लंबित काम तुरंत निपटाएं
डीसी ने रांची पूर्वी और पश्चिमी प्रमंडल के तहत संचालित मल्टी विलेज स्कीम (MVS) और सिंगल विलेज स्कीम (SVS) की प्रखंडवार समीक्षा की. उन्होंने निर्देश दिया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी पाइपलाइन और जलापूर्ति के काम पूरे किए जाएं. योजनाओं के रास्ते में रेलवे, एनएचएआई (NHAI), वन विभाग या जमीन से जुड़े जो भी पेंच आ रहे हैं, उनकी अलग-अलग सूची तैयार करें ताकि संबंधित विभागों से तालमेल बैठाकर तुरंत समाधान निकाला जा सके.
इंजीनियर खुद फील्ड में जाकर करें भौतिक सत्यापन
डीसी भजंत्री ने कहा कि सहायक और कनीय अभियंता सिर्फ कागजी रिपोर्ट पर भरोसा न करें, बल्कि फील्ड में जाकर गुणवत्ता और भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करें. उन्होंने यह भी साफ किया कि यदि कहीं काम के दौरान लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति बनती है, तो प्रशासन तुरंत हस्तक्षेप कर काम सुचारू कराएगा. इसके अलावा पेयजल से जुड़ी आम जनता की शिकायतों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करने का निर्देश दिया गया.
समीक्षा बैठक के 4 बड़े फैसले
लापरवाही पर शोकॉज: चान्हो, मांडर और बुढ़मू में स्वच्छ भारत मिशन के तहत ओडीएफ प्लस के काम में ढिलाई पर समन्वयकों से जवाब-तलब.
क्वालिटी से समझौता नहीं: निर्माण कार्य में घटिया सामग्री या तकनीकी खामी मिलने पर संबंधित एजेंसी और इंजीनियर पर होगी कार्रवाई.
सख्त मॉनिटरिंग: डीडीसी संजय भगत और प्रशिक्षु आईएएस आस्था शरण सहित सभी अधिकारियों को नियमित फील्ड विजिट के निर्देश.
त्वरित शिकायत निवारण: ग्रामीण इलाकों से आने वाली पेयजल संकट और लीकेज की समस्याओं को तत्काल दूर करने का तंत्र तैयार होगा.

