Newswave Desk: पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय बांगर की बेटी अनाया बांगर एक बार फिर क्रिकेट में वापसी की तैयारी कर रही हैं. जेंडर ट्रांजिशन के बाद उन्होंने क्रिकेट से दूरी बना ली थी. अब उन्हें ऑस्ट्रेलिया में महिला क्लब क्रिकेट खेलने की मंजूरी मिल गई है. हालांकि, इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने को लेकर अभी उनके सामने नियमों की बड़ी चुनौती है. अनाया को फिलहाल ऑस्ट्रेलिया में महिला क्लब क्रिकेट खेलने की अनुमति मिली है. वह वहां प्रीमियर क्रिकेट में हिस्सा ले सकती हैं. इसके लिए वह जल्द ही एक क्लब से जुड़ने की तैयारी कर रही हैं. क्लब क्रिकेट के जरिए अनाया दोबारा प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी करना चाहती हैं.

WBBL में खेलने पर भी नजर
अनाया की नजर विमेंस बिग बैश लीग यानी WBBL पर भी है. हालांकि, इसके लिए उन्हें क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की तय पात्रता और टेस्ट प्रक्रिया पूरी करनी होगी. अगर वह जरूरी शर्तें पूरी करती हैं, तो मार्च 2027 से एलीट महिला क्रिकेट में खेलने के लिए पात्र हो सकती हैं. हालांकि, पात्रता मिलने का मतलब यह नहीं है कि उन्हें सीधे WBBL की किसी टीम में जगह मिल जाएगी. इसके लिए उन्हें अपनी फिटनेस और प्रदर्शन के दम पर खुद को साबित करना होगा.
इंटरनेशनल क्रिकेट में क्यों है रोक?
अनाया के लिए सबसे बड़ी चुनौती इंटरनेशनल क्रिकेट को लेकर है. ICC के मौजूदा नियमों के मुताबिक, पुरुष यौवन यानी मेल प्यूबर्टी से गुजर चुकी ट्रांसजेंडर महिला खिलाड़ियों को इंटरनेशनल महिला क्रिकेट में खेलने की अनुमति नहीं है. इसका मतलब है कि ऑस्ट्रेलिया में घरेलू या एलीट महिला क्रिकेट खेलने की अनुमति मिलने के बावजूद अनाया फिलहाल इंटरनेशनल महिला क्रिकेट नहीं खेल सकतीं.
भारत में इस मामले को लेकर BCCI की स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है. अनाया की ओर से पात्रता को लेकर BCCI से संपर्क किए जाने की बात सामने आई है, लेकिन इस संबंध में अभी कोई स्पष्ट सार्वजनिक नीति सामने नहीं आई है. फिलहाल अनाया का पूरा ध्यान क्रिकेट में वापसी पर है. अगर वह ऑस्ट्रेलिया में अच्छा प्रदर्शन करती हैं और जरूरी शर्तें पूरी करती हैं, तो 2027 में उनके लिए एलीट क्रिकेट का रास्ता खुल सकता है.

