बलबल मुहाने पुल की मरम्मत में भारी अनियमितता, पुराने सरिया के उपयोग का आरोप

हजारीबाग: जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित बलबल मुहाने नदी पर बने महत्वपूर्ण पुल के मरम्मत कार्य में भारी अनियमितता का मामला...

हजारीबाग: जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित बलबल मुहाने नदी पर बने महत्वपूर्ण पुल के मरम्मत कार्य में भारी अनियमितता का मामला सामने आया है. करोड़ों रुपये की लागत से किए जा रहे इस कार्य में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी किए जाने के आरोप लग रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश और चिंता दोनों बढ़ गई है.

पुराने सरिया के उपयोग का आरोप

जानकारी के अनुसार, इस पुल के ऊपरी हिस्से की ढलाई के दौरान नई सरिया (छड़) का उपयोग किया जाना था, ताकि पुल की मजबूती और दीर्घायु सुनिश्चित की जा सके. लेकिन ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि संवेदक द्वारा पुराने और जंग लगे सरिया का उपयोग कर ढलाई का कार्य कराया जा रहा है. यह कार्य मां तारा कंस्ट्रक्शन के जिम्मे है, जिस पर लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगे हैं.

आवागमन के लिए महत्वपूर्ण पुल

यह पुल दो जिलों को जोड़ने वाला एक प्रमुख संपर्क मार्ग है, जिस पर प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन और आम लोग आवागमन करते हैं. ऐसे में मरम्मत कार्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता सीधे तौर पर लोगों की जान-माल की सुरक्षा से जुड़ा मामला बन जाता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह घटिया सामग्री का उपयोग होता रहा, तो भविष्य में पुल की स्थिति और कमजोर हो सकती है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.

Also Read: न्यूज वेव एक्सपोज: झारखंड का आपदा विभाग- दूसरे राज्‍यों के कमान में होता है झारखंड का प्रबंधन, इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर तक नहीं

शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं

ग्रामीणों ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. इससे संवेदक की मनमानी बढ़ती जा रही है और कार्य में पारदर्शिता की कमी साफ नजर आ रही है.

जनप्रतिनिधियों ने जताई चिंता

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने भी इस पूरे मामले पर चिंता जताई है. उनका कहना है कि सरकार द्वारा विकास कार्यों के लिए भारी राशि खर्च की जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण योजनाओं का लाभ सही तरीके से नहीं मिल पा रहा है.

जांच और कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने हजारीबाग के उपायुक्त से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी संवेदक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. साथ ही उन्होंने यह भी मांग की है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके.

प्रशासन की भूमिका पर नजर

अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस गंभीर मामले को कितनी प्राथमिकता देता है और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *