धनबाद: जिले में ईद-उल-फितर का त्योहार शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया गया. 19 मार्च को शव्वाल का चांद नहीं दिखने के कारण इस बार रमजान के 30 रोजे पूरे किए गए.

वासेपुर, झरिया, गोविंदपुर सहित विभिन्न इलाकों की मस्जिदों और ईदगाहों में निर्धारित समय पर नमाज अदा की गई. हजारों लोग नए कपड़े पहनकर नमाज में शामिल हुए. छोटे-छोटे बच्चे भी ईदगाहों में पहुंचे, जिनकी मौजूदगी ने माहौल को और आकर्षक बना दिया.
नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और सेवइयां व मिठाइयां बांटी. झरिया के शमशेर नगर बालू बैंकर स्थित मैदान में नमाज के दौरान उलेमाओं ने कहा कि ईद केवल खुशियां मनाने का अवसर नहीं, बल्कि आपसी मोहब्बत, भाईचारे और सद्भाव का प्रतीक है. उन्होंने देश में अमन, शांति और भाईचारे की दुआ की.
सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में व्यापक बंदोबस्त किए थे. ट्रैफिक पुलिस द्वारा प्रमुख चौराहों पर डायवर्जन लागू किया गया, ताकि नमाजियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. कई स्थानों पर हिंदू समुदाय के लोगों ने भी मुस्लिम पड़ोसियों को ईद की बधाई दी और मिठाइयां बांटकर आपसी सौहार्द की मिसाल पेश की.
इस मौके पर शहर के बाजारों में रौनक देखने को मिली. लोगों ने शीर खुरमा, दही बड़ा सहित विभिन्न पकवान बनाकर एक-दूसरे को खिलाए. सुहावने मौसम ने भी त्योहार के उत्साह में चार चांद लगा दिए.
प्रशासन की ओर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, जिसमें जोनल दंडाधिकारी, पुलिस बल और क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को तैनात किया गया था.

