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डीवीसी बोकारो थर्मल के ऐश पौंड से छाई उठाव की धीमी रफ्तार से भरा ऐश पोंड, संकट गहराया

– 500 मेगावाट लोड पर उत्पादन से रोजाना जमा हो रही 3500 एमटी छाई, उठाव मात्र एक हजार एमटी बोकारो: बेरमो अनुमंडल...

500 मेगावाट लोड पर उत्पादन से रोजाना जमा हो रही 3500 एमटी छाई, उठाव मात्र एक हजार एमटी

बोकारो: बेरमो अनुमंडल के डीवीसी बोकारो थर्मल पावर प्लांट के ऐश पोंड से छाई का उठाव लक्ष्य के अनुरूप नहीं होने से प्रबंधन की मुश्किलें बढ़ गई हैं. जिस अनुपात में प्लांट से छाई निकल रही है,उसकी तुलना में उठाव की गति अत्यंत धीमी है,जिससे ऐश पोंड के जल्द भरने और पर्यावरणीय समस्या उत्पन्न होने का खतरा मंडराने लगा है.

मात्र 16 हाईवा के भरोसे उठाव कार्य:

वर्तमान में ऐश पोंड से चार कंपनियां-शर्मा ट्रांसपोर्ट,।सारण, बी-टू-वी और जेडीएनएस छाई उठाने के कार्य में लगी हैं.ये कंपनियां राजगंज स्थित नेशनल हाईवे,बेरमो,ऐश पौंड के साइट-टू-साइट और पावर प्लांट स्थित ऐश यार्ड के लिए उठाव कर रही हैं.हैरानी की बात यह है कि इन चारों कंपनियों ने इस बड़े कार्य के लिए महज 16 हाईवा ही तैनात किए हैं.

ऐश पौंड में छाई जमा ज्यादा,उठाव कम:

पावर प्लांट को जब 500 मेगावाट के फुल लोड पर चलाया जाता है,तो प्रतिदिन लगभग तीन से साढ़े तीन हजार मीट्रिक टन छाई पोंड में जमा होती है. इसके विपरीत,चारों कंपनियों द्वारा मिलकर प्रतिदिन औसतन केवल एक हजार मीट्रिक टन ही छाई का उठाव किया जा रहा है. गुरुवार और शुक्रवार के आंकड़े बताते हैं कि छाई का उठाव जरूरत से काफी कम है. इस मामले पर जीएम (ऐश मैनेजमेंट सिस्टम) एए कुजूर ने कहा कि कंपनियों को वाहनों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया गया है ताकि उठाव में तेजी आए.

आजसू केंद्रीय सचिव ने पत्र लिखकर जताया विरोध:

दूसरी ओर बेरमो में छाई गिराए जाने को लेकर राजनीति गरमा गई है. आजसू पार्टी के केंद्रीय सचिव संतोष कुमार महतो ने इस पर कड़ा विरोध प्रकट किया है.उन्होंने कोयला मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर बिना ठोस योजना और सुरक्षा मानकों के छाई गिराने पर रोक लगाने की मांग की है.उन्होंने पत्र के माध्यम से विस्थापितों के हितों और पर्यावरणीय सुरक्षा की जांच करने का आग्रह किया है.

पाइपलाइन मरम्मत कार्य दूसरे दिन भी ठप,नियोजन की मांग पर अड़े ग्रामीण:

दूसरी ओर,ऐश पोंड जाने वाली पाइपलाइन नंबर-पांच में लीकेज की मरम्मत का कार्य शनिवार को दूसरे दिन भी बाधित रहा. गोविंदपुर के ग्रामीणों और रैयतों ने काम रोक दिया है.ग्रामीण 30 लोगों के नियोजन की मांग कर रहे हैं,जबकि डीवीसी प्रबंधन का कहना है कि पूर्व में 10 लोगों को नियोजित किया जा चुका है.शुक्रवार को वरीय जीएम (ओएंडएम) मधुकर श्रीवास्तव के साथ हुई वार्ता विफल रहने के बाद गतिरोध बरकरार है.

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