ग्रामीणों की जीत, तमाड़ प्लस टू हाई स्कूल मैदान से हटाई गई अवैध घेराबंदी

बुंडू/तमाड़. तमाड़ में लंबे समय से चल रहे विवाद का आखिरकार पटाक्षेप हो गया. प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए तमाड़ प्लस...

बुंडू/तमाड़. तमाड़ में लंबे समय से चल रहे विवाद का आखिरकार पटाक्षेप हो गया. प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए तमाड़ प्लस टू हाई स्कूल की जमीन से अवैध घेराबंदी को हटा दिया. रविवार सुबह प्रशासनिक टीम ने मजिस्ट्रेट और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी लगाकर तार और सीमेंट के पोल को हटाया और मैदान को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कर दिया.

2025 से चल रहा था विवाद

गौरतलब है कि नवंबर 2025 में कुछ लोगों द्वारा सरकारी स्कूल की जमीन को अपनी निजी संपत्ति बताते हुए तार और सीमेंट पोल लगाकर घेराबंदी कर दी गई थी. इसको लेकर स्थानीय ग्रामीणों, स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों में भारी आक्रोश था. सभी ने लगातार विरोध जताते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की थी.

SDM कोर्ट में हुई सुनवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए तमाड़ अंचल अधिकारी ने इसे बुंडू एसडीएम कोर्ट भेजा, जहां दोनों पक्षों के बीच विस्तृत सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अपने-अपने दस्तावेज पेश किए और वकीलों के बीच लंबी बहस चली.

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SDM ने दिया अतिक्रमण हटाने का आदेश

इसके बाद एसडीएम किस्टो कुमार बेसरा ने पूरे मामले की गहन समीक्षा करते हुए निष्पक्ष और जनहित में बड़ा फैसला सुनाया. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि स्कूल की जमीन को हर हाल में अतिक्रमण मुक्त कराया जाए, ताकि बच्चों के खेलकूद, पढ़ाई और अन्य गतिविधियों में किसी प्रकार की बाधा न हो सके.

पुलिस की मौजूदगी में शांतिपूर्ण कार्रवाई

एसडीएम के आदेश के बाद प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट और पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई. इस दौरान तमाड़ थाना प्रभारी प्रवीण कुमार मोदी सुबह से ही पुलिस बल के साथ मौके पर डटे रहे और पूरे अभियान की मॉनिटरिंग करते रहे. उनके नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह सुनिश्चित किया कि पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण और कानून सम्मत तरीके से संपन्न हो.

मैदान का सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व

यह मैदान क्षेत्र के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का केंद्र रहा है. यहां दुर्गा पूजा, काली पूजा, सरहुल, विश्वकर्मा पूजा और अखंड हरिनाम संकीर्तन जैसे बड़े आयोजन होते हैं. साथ ही स्कूल के छात्र और गांव के बच्चे इसी मैदान में खेलकूद करते हैं.

ग्रामीणों के आंदोलन का मिला परिणाम

अतिक्रमण के विरोध में ग्रामीणों ने आंदोलन भी किया था और 8 दिसंबर 2025 को तमाड़ बंद रखकर अपना विरोध दर्ज कराया था. लंबे संघर्ष और प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद अंततः मैदान को अतिक्रमण मुक्त कराया गया.

लोगों में खुशी की लहर

कार्रवाई पूरी होते ही स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई. लोगों ने इसे अपनी एकता, संघर्ष और हक की जीत बताया. वहीं प्रशासन के इस कदम को जनहित में उठाया गया एक मजबूत और सराहनीय फैसला माना जा रहा है.

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