Ranchi: भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने 2026 के विधानसभा चुनावों और उपचुनावों के दौरान की गई भारी कार्रवाई का लेखा-जोखा पेश किया है. आयोग द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रक्रिया के दौरान 1444.96 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड अवैध सामग्री और नकदी ज़ब्त की गई है.
राज्यों का लेखा-जोखा
चुनाव आयोग के अनुसार, तमिलनाडु इस सूची में सबसे ऊपर रहा, जहां कुल 662.28 करोड़ रुपये की सामग्री ज़ब्त हुई. इसके बाद पश्चिम बंगाल से 573.41 करोड़ रुपये की जब्ती की गई. अन्य राज्यों की स्थिति इस प्रकार रही:

असम:117.24 करोड़ रुपये
केरल: 80.67 करोड़ रुपये
पुडुचेरी: 9.72 करोड़ रुपये
जब्ती में 40% की भारी बढ़ोतरी
आयोग ने बताया कि 2021 के विधानसभा चुनावों (1029.93 करोड़ रुपये) की तुलना में इस बार जब्ती में 40.14% की वृद्धि दर्ज की गई है. विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में जब्ती में 68.92% और तमिलनाडु में 48.40% का उछाल देखा गया है.
प्रौद्योगिकी और टीम का कमाल
इन कार्रवाइयों को ‘चुनाव जब्ती प्रबंधन प्रणाली’ (ESMS) के माध्यम से सुव्यवस्थित किया गया. सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए:
376 व्यय पर्यवेक्षक तैनात किए गए
7,470 फ्लाइंग स्क्वाड टीमें (FST) सक्रिय रहीं
7,470 स्टैटिक सर्विलांस टीमें (SST) तैनात की गई
आदर्श आचार संहिता (MCC) हुई समाप्त
चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही, आयोग ने घोषणा की है कि संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से हटा ली गई है. हालांकि, पश्चिम बंगाल के 144-फालटा विधानसभा क्षेत्र में यह अभी भी प्रभावी रहेगी.
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