Ranchi : धनबाद से जुड़े एक वायरल वीडियो ने झारखंड की राजनीति में हलचल तेज कर दी है. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए प्रशासन, पुलिस और माइनिंग माफिया के कथित गठजोड़ को लेकर गंभीर सवाल उठाये हैं.
बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा है कि विदेश में बैठे एक कथित अपराधी द्वारा जारी वीडियो में धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक समेत प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर आरोप लगाये गये हैं. उन्होंने कहा कि अगर इन आरोपों में सच्चाई है तो यह राज्य की कानून व्यवस्था और शासन व्यवस्था के लिए बेहद चिंताजनक स्थिति है.
माफिया और अधिकारियों के बीच सांठ गांठ
मरांडी ने आरोप लगाया कि गरीब और कमजोर लोगों की जमीन पर दबाव बनाकर कब्जा कराने की कोशिश हो रही है. माइनिंग माफिया और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच सांठ गांठ की आशंका भी सामने आ रही है. साथ ही सत्ता और वर्दी के प्रभाव का इस्तेमाल डर और दबाव बनाने के लिए किये जाने का आरोप भी लगाया गया है.

उन्होंने सवाल उठाया कि जिन अधिकारियों पर इतने गंभीर आरोप लग रहे हों, उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां क्यों दी जा रही हैं. उनके अनुसार इससे जनता के बीच सरकार और प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
मुख्यमंत्री को उपलब्ध कराया जायेगा वीडियो
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि समाज में भय और अराजकता का माहौल न बने. इसलिए वीडियो का केवल संपादित हिस्सा सार्वजनिक किया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि वायरल वीडियो का पूरा हिस्सा मुख्यमंत्री को व्यक्तिगत रूप से उपलब्ध कराया जायेगा.
प्रमुख चार मांग
इस मामले में उन्होंने चार प्रमुख मांगें भी रखीं. इनमें संबंधित अधिकारी को तत्काल हटाने. पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने. माइनिंग माफिया और जमीन कब्जा से जुड़े आरोपों की न्यायिक निगरानी में जांच तथा दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग शामिल है
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