गुमला में बड़ा अभियान: 400 शिक्षक बने बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता दूत

गुमला: उपायुक्त के निर्देशानुसार जिले में बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान के अंतर्गत जिला स्तरीय शिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यशाला सफलतापूर्वक आयोजित किया...

गुमला: उपायुक्त के निर्देशानुसार जिले में बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान के अंतर्गत जिला स्तरीय शिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यशाला सफलतापूर्वक आयोजित किया गया. इस प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को बाल विवाह की रोकथाम के लिए तकनीकी और व्यवहारिक समझ प्रदान करना था, ताकि वे विद्यालय और समुदाय स्तर पर प्रभावी भूमिका निभा सकें.

इस कार्यशाला में जिले के विभिन्न प्रखंडों से लगभग 400 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया. कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, गुमला ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में जिला शिक्षा पदाधिकारी उपस्थित रहे. कार्यक्रम में ब्लॉक प्रोग्राम ऑफिसर ओम प्रकाश दास, फेलो (AVA – नीति आयोग) मंटू रजक और ABF अंजलि तिवारी भी मौजूद रहीं.

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और स्वागत के साथ किया गया. मुख्य अतिथि जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक कुप्रथा है, जो बच्चों के भविष्य, शिक्षा और स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डालती है. उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे प्रत्येक शनिवार को विद्यालयों में जागरूकता सत्र आयोजित करें और छात्र-छात्राओं को इस विषय में जानकारी दें.

उन्होंने शिक्षकों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षक बच्चों के महत्वपूर्ण मार्गदर्शक होते हैं. इसलिए उनकी जिम्मेदारी है कि वे बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई करें. साथ ही छात्राओं की उपस्थिति और ड्रॉपआउट पर नियमित निगरानी रखने पर भी बल दिया.

जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने कहा कि प्रशासन द्वारा विभिन्न प्रयासों से कई बाल विवाहों को रोका गया है. उन्होंने सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना सहित अन्य योजनाओं की जानकारी दी और कहा कि प्रशासन बाल विवाह उन्मूलन के लिए लगातार प्रयासरत है.

कार्यक्रम में किशोर न्याय बोर्ड, गुमला के सदस्य त्रिभुवन शर्मा ने विस्तृत तकनीकी प्रशिक्षण सत्र लिया. इसमें बाल विवाह निषेध अधिनियम, बच्चों के अधिकार, रिपोर्टिंग प्रक्रिया, केस हैंडलिंग और रोकथाम के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी गई. साथ ही शिक्षकों को यह भी बताया गया कि किसी संभावित बाल विवाह की स्थिति में वे प्रशासन, चाइल्डलाइन और पुलिस के साथ कैसे समन्वय स्थापित करें.

प्रशिक्षण के दौरान केस स्टडी और इंटरैक्टिव चर्चा के माध्यम से शिक्षकों को व्यवहारिक ज्ञान दिया गया. अंत में ओपन मंच सत्र आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा किए और इस प्रशिक्षण को उपयोगी बताया.

यह कार्यक्रम जिला समाज कल्याण विभाग, गुमला और एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया गया. जिला प्रशासन द्वारा बाल विवाह मुक्त जिला बनाने के लिए इस तरह के प्रयास आगे भी जारी रहेंगे.

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