भरनो: जिले के भरनो थाना क्षेत्र के मिशन चौक पर शनिवार की रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ग्रामीणों ने एक अनजान युवक को बच्चा चोर समझकर पकड़ लिया और उसे बंधक बना लिया. इलाके में बढ़ती बच्चा चोरी की अफवाहों के बीच पुलिस ने समय रहते युवक को भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे एक मॉब लिंचिंग की घटना टल गई.

क्या है पूरा मामला?
पश्चिम बंगाल निवासी बाबुल देवरी नामक युवक खरवागाढ़ा स्थित एक अर्धनिर्मित (अधूरे बने) मकान में छिपा हुआ था. घर के मालिक ने जब एक अनजान व्यक्ति को अंधेरे में वहां देखा, तो शोर मचाना शुरू कर दिया. खुद को घिरा देख युवक वहां से भागने लगा. ग्रामीणों ने पीछा कर उसे मिशन चौक के पास दबोच लिया. तलाशी के दौरान युवक के बैग से कुछ एलोपैथी दवाइयां बरामद हुईं. ग्रामीणों ने इन दवाइयों को संदिग्ध माना और उनका शक गहरा गया कि युवक किसी गलत इरादे से इलाके में घूम रहा है. देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई.
पुलिस की सूझबूझ से बची जान:
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचित किया. सूचना मिलते ही थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह, एसआई मंटू चौधरी और पेट्रोलिंग टीम तत्काल मौके पर पहुंची. पुलिस ने आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया और युवक को अपने संरक्षण में ले लिया. थाने में की गई पूछताछ में युवक ने अपनी पहचान बाबुल देवरी (पश्चिम बंगाल) के रूप में दी है.जांच में सामने आया कि वह पिछले कुछ महीनों से पुसो थाना क्षेत्र के लावागाई और चैगरी इलाकों में घूम-घूम कर दवाइयां बेचने का काम करता था. पैसे खत्म हो जाने के कारण वह पैदल ही रांची की ओर जा रहा था, लेकिन रास्ता भटक कर भरनो पहुंच गया. रात होने के कारण वह रुकने के लिए किसी सुरक्षित या सुनसान जगह की तलाश में था, इसलिए वह अर्धनिर्मित मकान में चला गया था. पुलिस के अनुसार, प्राथमिक जांच और बातचीत में युवक की मानसिक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं लग रही है. पुलिस को उसके पास से आधार कार्ड मिला है, जिसके आधार पर उसके परिजनों से संपर्क साधने का प्रयास किया जा रहा है.
