हजारीबाग में बच्ची से दरिंदगी मामला: न्याय की मांग हुई तेज, DGP ने बनाई SIT, राजनीतिक दल ने बुलाया बंद, अपराधी गिरोह ने किया सजा देने का ऐलान

हजारीबाग: जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र स्थित कुसुंभा पंचायत में एक 12 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई हैवानियत ने मानवता को...

हजारीबाग: जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र स्थित कुसुंभा पंचायत में एक 12 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई हैवानियत ने मानवता को शर्मसार कर दिया है. मंगलवारी जुलूस देखने गई इस बच्ची की न केवल निर्मम हत्या की गई, बल्कि उसके शरीर पर मिले चोट के निशान और टूटे हुए दांत अपराधियों की बर्बरता की गवाही दे रहे थे. इस मामले में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए जहां डीजीपी ने एक तरफ विशेष एसआईटी टीम का गठन किया है, तो वही बीजेपी पार्टी ने सोमवार यानि आज हजारीबाग बंद बुलाया है और जेएलकेएम पार्टी ने 48 घंटे तक का अल्टीमेटम दे रखा है, इस मामले में सबसे आश्चर्यजनक की बात यह है कि आपराधिक संगठन के द्वारा भी इस घटना में शामिल अपराधियों को अपने स्तर से सजा देने का ऐलान कर दिया गया है.

राजनीतिक दलों का कड़ा रुख बीजेपी ने बुलाया बंद, JLKM ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम:

इस अपराध को लेकर झारखंड की राजनीति में उबाल है. सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष तक, सभी ने दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की है.

• भाजपा ने बुलाया हजारीबाग बंद: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने घटना को हृदय विदारक बताते हुए राज्य सरकार को कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर विफल करार दिया है. उन्होंने घोषणा की है कि इस घटना के विरोध में 30 मार्च को हजारीबाग बंद रखा जाएगा. जिसको लेकर रविवार की शाम विष्णुगढ़ बीजेपी के द्वारा कैंडल मार्च निकाला गया.

• जेएलकेएम की 48 घंटे की चेतावनी: झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष और डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की. उन्होंने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटों के भीतर दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो राज्यव्यापी विशाल जनांदोलन छेड़ा जाएगा.

• कांग्रेस ने अपनी ही सरकार को घेरा: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने इसे प्रशासन की बड़ी विफलता बताते हुए कहा कि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी गिरफ्तारी न होना शर्मनाक है.

डीजीपी ने किया SIT का गठन, एक सप्ताह में मांगी रिपोर्ट:

मामले की गंभीरता और बढ़ते जन आक्रोश को देखते हुए झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्र ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. उन्होंने प्रशिक्षु आईपीएस नागरगोजे शुभम भाउसाहेब के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन किया गया है. इस टीम में डीएसपी बैजनाथ प्रसाद और थाना प्रभारी सपन महथा को शामिल किया गया है. डीजीपी ने इस टीम को एक सप्ताह के भीतर मामले का सफल उद्भेदन कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का सख्त आदेश दिया है.

अपराधी गिरोह का ‘समानांतर न्याय’ का ऐलान:

इस मामले में एक हैरान करने वाला मोड़ तब आया जब राहुल सिंह गिरोह की ओर से एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई. गिरोह ने इस कृत्य को इंसानियत पर कलंक बताते हुए प्रशासन को चुनौती दी है और अपने स्तर से दोषियों को सजा देने का ऐलान किया है.

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