ईंधन मूल्य वृद्धि पर सीपीएम का केंद्र पर तीखा हमला, कहा- ‘जनता की जेब पर डाका डालना बंद करे सरकार’

Ranchi: पेट्रोल, डीज़ल और सीएनजी की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को लेकर सीपीआई (एम) ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है....

Ranchi: पेट्रोल, डीज़ल और सीएनजी की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को लेकर सीपीआई (एम) ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है. पार्टी ने पेट्रोल और डीजल में ₹3 प्रति लीटर तथा सीएनजी में ₹2 प्रति किलो की बढ़ोतरी को “जनविरोधी फैसला” करार देते हुए कहा कि सरकार लगातार महंगाई की मार से जूझ रही जनता की कमर तोड़ने पर आमादा है. सीपीआई (एम) झारखंड राज्य सचिव प्रकाश विप्लव ने जारी बयान में कहा कि देश की मेहनतकश आबादी पहले ही बेरोजगारी, घटती आमदनी, बकाया वेतन और लगातार बढ़ती महंगाई से परेशान है. ऐसे समय में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी ने आमलोगों की जिंदगी और मुश्किल बना दी है.

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सरकार जनता की कमर तोड़ने पर आमादा

उन्होंने तेल कंपनियों द्वारा “अंडर-रिकवरी” का हवाला देकर कीमत बढ़ाने के तर्क को पूरी तरह भ्रामक बताया. उन्होंने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम थीं, तब तेल कंपनियों ने रिकॉर्ड मुनाफा कमाया, लेकिन सरकार ने कभी उसका लाभ जनता तक नहीं पहुंचाया. अब वैश्विक बाजार में थोड़ी हलचल होते ही पूरा बोझ आमलोगों पर डाल दिया गया है. सीपीएम ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार वर्षों से पेट्रोलियम पदार्थों पर भारी टैक्स वसूलकर जनता की जेब खाली करती रही है. पार्टी के अनुसार, यह मूल्य वृद्धि सिर्फ पेट्रोल पंप तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका असर परिवहन, खेती, खाद्य सामग्री और रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ेगा. इससे महंगाई की नई लहर खड़ी होगी.

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चुनावी लाभ के लिए कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा को जानबूझकर रोके रखा

पार्टी ने कहा कि सीएनजी की कीमत बढ़ने से सबसे ज्यादा असर ऑटो चालकों, परिवहन कर्मियों और सस्ती सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर निर्भर गरीब एवं मध्यम वर्गीय लोगों पर पड़ेगा. सीपीएम ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने राजनीतिक और चुनावी लाभ के लिए कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा को जानबूझकर रोके रखा और अब जनता पर अचानक बोझ डाल दिया.

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