झारखंड के 10 प्रसिद्ध मंदिर, जहां आस्था के साथ मिलता है इतिहास और आध्यात्मिक शांति

Newsdesk : झारखंड अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जंगलों और झरनों के साथ-साथ धार्मिक स्थलों और प्राचीन मंदिरों के लिए भी देशभर में प्रसिद्ध...

Newsdesk : झारखंड अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जंगलों और झरनों के साथ-साथ धार्मिक स्थलों और प्राचीन मंदिरों के लिए भी देशभर में प्रसिद्ध है. यहां कई ऐसे प्राचीन मंदिर मौजूद हैं, जिनकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक मान्यता दूर-दूर तक फैली हुई है. सावन, नवरात्र, शिवरात्रि और अन्य पर्वों के दौरान इन मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है.

1. Baidyanath Dham, देवघर :

बाबा बैद्यनाथ धाम भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल यह मंदिर झारखंड की पहचान माना जाता है. यहां सावन महीने में देशभर से कांवरिया सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर पैदल पहुंचते हैं और बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं. मंदिर परिसर में कई छोटे-बड़े मंदिर भी स्थित है. इस शिवलिगं की स्थापना रावण ने त्रेता युग में की थी.

2. Chhinnamasta Temple, राजरप्पा :

मां छिन्नमस्तिका मंदिर: दामोदर और भैरवी नदी के संगम पर स्थित यह प्रसिद्ध शक्तिपीठ तांत्रिक साधना और शक्ति उपासना के लिए जाना जाता है. यहां मां छिन्नमस्तिका की अनोखी प्रतिमा श्रद्धालुओं के बीच विशेष आस्था का केंद्र है.

3. Dewri Mandir , रांची : 

दिवड़ी मंदिर लगभग 700 वर्ष पुराने इस मंदिर में मां दुर्गा की 16 भुजाओं वाली प्रतिमा स्थापित है. रांची-जमशेदपुर मार्ग पर स्थित यह मंदिर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है. भारतीय क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी भी यहां पूजा करने पहुंचते रहे हैं.

4. Maa yogini temple ,गोड्डा

मां योगिनी मंदिर ( योगिनी शक्तिपीठ ) झारखंड के गोड्डा जिले में लखन पहाड़ी पर स्थित एक प्राचीन तंत्र साधना का केंद्र है. यह मंदिर गुफा के भीतर स्थित है और इसे 52 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है, जहां मां सती की बायी जांघ गिरी थी. यह मंदिर कामाख्या के समान तांत्रिक साधना के लिए प्रसिद्ध है.

5. Anjan dham , गुमला :

यह मंदिर भगवान हनुमान की जन्मस्थली के रुप में प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है. यह रांची से लगभग 100 किमी दूर अंजन नामक गांव में पहाड़ियों के बीच बसा है. मान्यता है की यहां की गुफा में माता अंजनी रहती थीं और यहीं हनुमान जी का जन्म हुआ था.

6. Basukinath Temple, दुमका :

बाबा बासुकीनाथ धाम यह मंदिर बाबा बैद्यनाथ धाम यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है. मान्यता है कि देवघर में पूजा के बाद बासुकीनाथ में दर्शन करने से ही यात्रा पूर्ण होती है.

7. Jal Mandir, पारसनाथ :

जल मंदिर जैन धर्म के अनुयायियों के लिए यह अत्यंत पवित्र स्थल माना जाता है. पारसनाथ पहाड़ी क्षेत्र आध्यात्मिक साधना और धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र है.

8. Sun Temple , रांची :

सूर्य मंदिर, रथ के आकार में बना यह भव्य मंदिर अपनी अनोखी वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है. मंदिर परिसर के पास स्थित तालाब इसकी सुंदरता को और बढ़ाता है. यहां छठ पूजा के दौरान विशेष भीड़ उमड़ती है.

9. Tanginath Dham, गुमला :

पहाड़ियों में स्थित यह प्राचीन शिव धाम रहस्यमयी इतिहास के लिए प्रसिद्ध है. यहां स्थापित विशाल त्रिशूल और प्राचीन अवशेष श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं. मंदिरों में धार्मिक आस्था के साथ-साथ झारखंड की संस्कृति, इतिहास और स्थापत्य कला की भी झलक देखने को मिलती है.

10. rankini mandir,जमशेदपुर :

यह मंदिर काली देवी रंकिनी को समर्पित है, जो जादुगोड़ा में स्थित है.कहा जाता है कि इस मंदिर में लगभग वर्ष 1865 तक नरबलि (मानव बलि) होती थी, अंग्रेजों ने इसे बंद कर दिया. अपनी प्राचीन पत्थर की मूर्ति के लिए प्रसिद्ध, यह मंदिर सुरक्षा और आशीर्वाद की तलाश में आने वाले भक्तों को आकर्षित करता है।

11. Hathi kheda , जमशेदपुर :

लोजोरा गाँव दलमा वन्यजीव अभयारण्य (Dalma Wildlife Sanctuary) में स्थित है, कहा जाता है सैकड़ों साल पहले गाँव में हाथियों कहर था. तब एक संत ने यहां हाथी की पूजा शुरू किया और तब से हाथियों का उत्पात बंद हो गया. बाद में मंदिर का निर्माण कर इसे “हाथी खेदा मंदिर” नाम दिया गया.

ALSO READ : ‘महंगाई से जल रही जनता, सत्ता विदेश यात्रा में व्यस्त’- कांग्रेस का मोदी सरकार पर बड़ा हमला

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *