रांची: रांची को झारखंड का प्रमुख पर्यटन केंद्र बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. उपायुक्त-सह-अध्यक्ष जिला पर्यटन संवर्धन परिषद् मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में पर्यटन स्थलों के तेजी से विकास और बेहतर सुविधाएं देने को लेकर कई अहम फैसले लिए गए.
पर्यटन स्थलों पर सौर ऊर्जा से चलने वाली लगाई जाएंगी लाइटें
बैठक में साफ कहा गया कि रांची को “झरनों का शहर” के रूप में और ज्यादा पहचान दिलाने के लिए काम तेज किया जाएगा. साथ ही पर्यटकों को सुरक्षित और बेहतर अनुभव देने पर खास जोर दिया गया. पर्यटन स्थलों पर अब सौर ऊर्जा से चलने वाली लाइटें लगाई जाएंगी, जिससे रात में भी लोगों को सुविधा मिलेगी और पर्यावरण को नुकसान भी नहीं होगा. इसके साथ ही सभी प्रमुख स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए.
लगाए जाएंगे जानकारी देने वाले बोर्ड
बैठक में मारशली (मारसिल्ली) पहाड़ को नए टूरिस्ट स्पॉट के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है. यहां हाई मास्ट लाइट लगाने और पूरे इलाके को आकर्षक बनाने की तैयारी होगी, जिससे यह जगह पर्यटकों के लिए नया आकर्षण बन सके. सभी पर्यटन स्थलों पर जानकारी देने वाले बोर्ड लगाए जाएंगे, जिनमें पुलिस और स्वास्थ्य से जुड़ी जरूरी जानकारी भी होगी. इससे पर्यटकों को किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सकेगी.
अतिरिक्त जमीन लेने और सुविधाएं बढ़ाने की योजना
प्रसिद्ध देवड़ी मंदिर के विकास को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया. यहां बढ़ती भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त जमीन लेने और सुविधाएं बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्था मिल सके. प्रशासन ने यह भी तय किया कि पर्यटन विकास के लिए एक तकनीकी टीम बनाई जाएगी, जो सभी प्रस्तावों की जांच कर तेजी से काम शुरू कराएगी. साथ ही सभी विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सख्त निगरानी रखी जाएगी.
दशम, हुंडरू, जोन्हा जलप्रपात, टैगोर हिल और रॉक गार्डन जैसे प्रमुख स्थलों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा. यहां सड़क, लाइट, शौचालय और बैठने की व्यवस्था को और बेहतर किया जाएगा. उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय लोगों को रोजगार और आय के नए अवसर मिलेंगे. प्रशासन का लक्ष्य है कि रांची को देश के बड़े पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित किया जाए.
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