रांची: झारखंड स्टेट बार काउंसिल (JSBC) चुनाव 2026-2031 की मतगणना जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है वैसे-वैसे विवाद गहराता जा रहा है. चुनाव में प्रत्याशी रहे अधिवक्ता गजेंद्र कुमार (सीरियल नंबर 24) ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को पत्र लिखकर धनबाद बार एसोसिएशन में हुए मतदान और मतगणना में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है. उन्होंने साक्ष्यों के आधार पर इस पूरी चुनावी प्रक्रिया को संदेह के घेरे में खड़ा करते हुए धनबाद में दोबारा निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग की है.
58 वोट अतिरिक्त कहां से आए?
इससे पहले भी एक प्रत्याशी ने धनबाद में मतदान और मतपत्रों के आंकड़ों में अंतर पर सवाल उठाए हैं. चुनाव अधिकारी को लिखे गए पत्र में अधिवक्ता गजेंद्र कुमार ने कहा है कि धनबाद बार एसोसिएशन कैंपस में कुल 1931 वोट पड़े थे जिसका मिलान रजिस्टर से किया गया था और प्रत्याशियों के हस्ताक्षर भी लिए गए थे. जारी किए गए परिणामों में 71 वोटों को अवैध घोषित किया गया और 1918 वोटों की गिनती दिखाई गई. इस प्रकार कुल वोटों की संख्या 1989 पहुंच गई. जब केवल 1931 वोट ही डाले गए थे, तो मतगणना में 58 वोट अतिरिक्त कहां से आए?
बोगस वोटिंग का आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि चुनाव के दिन बोगस वोटिंग हुई थी. उदाहरण के तौर पर उन्होंने बताया कि उत्तम कुमार मंडल का वोट किसी अन्य व्यक्ति द्वारा डाल दिया गया था जिसका भारी विरोध भी हुआ. इसके अलावा यह भी आशंका जताई गई है कि मतदान के बाद 10 दिनों के अंतराल के दौरान स्ट्रॉन्ग रूम में मतपेटियों के साथ छेड़छाड़ की गई है. अधिवक्ता ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से अपील की है कि वे दस्तावेजी साक्ष्यों, रजिस्टर, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और अतिरिक्त मतों की उपस्थिति के आधार पर धनबाद में पुनर्मतदान का आदेश दें. इस शिकायत की कॉपी अन्य जगहों पर भी भेजी गई है.
