रांची: राजधानी रांची के डोरंडा थाना क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक ज्वेलरी दुकानदार ने 13 साल के नाबालिग बच्चे को अपने जाल में फंसाकर उसे ही घर से जेवर चोरी कराने का माध्यम बना लिया. आरोपी ने पहले बच्चे को बहला-फुसलाया, फिर उसे धमकी और लालच देकर करीब 15 लाख रुपए के जेवरात घर से निकलवा लिए. पीड़ित कमलेश प्रधान, जो किलबर्न कॉलोनी, हिनू के रहने वाले है, ने डोरंडा थाना में दर्ज प्राथमिकी दर्ज कराया है.
खाने-पीने का लालच देकर बच्चे को चोरी करने के लिए उकसाने लगा आरोपी
पीड़ित ने पुलिस को बताया है कि उनका बेटा आदर्श प्रधान (13 वर्ष), केंद्रीय विद्यालय में छठी कक्षा का छात्र है. शिकायत के मुताबिक, हिनू स्थित वर्मा ज्वेलर्स का संचालक और उसका सहयोगी पप्पू बच्चे के संपर्क में आए. उन्होंने पहले उसे खाने-पीने का लालच दिया, फिर धीरे-धीरे उसे घर से जेवर लाने के लिए उकसाने लगे. आरोप है कि बच्चे को यह भी सिखाया गया कि पकड़े जाने पर कहना कि हम दोनों नहीं मिले हैं, तुम खुद बचने का तरीका सोचो, जिससे साफ है कि पूरा खेल सुनियोजित तरीके से रचा गया.
शिक्षक बनकर पिता को किया गुमराह
मामले को और पेचीदा बनाने के लिए आरोपी ने खुद को केंद्रीय विद्यालय का शिक्षक बताकर बच्चे के पिता को फोन किया. जब पिता ने पहचान बताई, तो आरोपी ने तुरंत फोन काट दिया. परिवार का कहना है कि आरोपी जानते थे कि बच्चा नाबालिग है, फिर भी उसे डराकर और धमकाकर इस काम में लगाया गया.बच्चे को डराया गया। उसे कहा गया कि अगर बात घर में बताई तो पिता को सब बता देंगे. तुम्हारे साथ मारपीट होगी. इसी डर के कारण बच्चा घर में चुप रहने लगा और मानसिक रूप से दबाव में आ गया.
15 लाख के जेवर ऐसे हुए पार
परिजनों के अनुसार, आरोपी ने बच्चे से धीरे-धीरे कर कई कीमती जेवर निकलवाए, जिनमें सोने की चेन, मंगलसूत्र, अंगूठियां, नथ, मांगटीका, कान के जेवर, चांदी की पायल, बिछिया, चेन, पुराने पारंपरिक गहने शामिल है. कुल मिलाकर करीब 15 लाख रुपए से अधिक के जेवरात आरोपी के पास पहुंच गए. शुरुआत में बच्चे को 20-25 हजार रुपए भी दिए गए, ताकि वह लालच में फंसा रहे. पीड़ित ने पुलिस को जेवरों के कुछ बिल और बच्चे का आधार कार्ड भी सौंपा है. साथ ही आसपास का सीसीटीवी फुटेज खंगालने का भी आग्रह किया है. जिससे पूरे मामले का खुलासा हो सके.
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