झारखंड का ‘बजट मीटर’ : 29 हजार करोड़ रुपये सरेंडर!

Ranchi: झारखंड के वित्तीय वर्ष 2025-26 का सफरनामा उम्मीदों और चुनौतियों के बीच संपन्न हो गया. वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर के अनुसार...

Ranchi: झारखंड के वित्तीय वर्ष 2025-26 का सफरनामा उम्मीदों और चुनौतियों के बीच संपन्न हो गया. वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर के अनुसार योजना मद में 80 फीसदी राशि खर्च हुई है. कहा कि अगर केंद्र सरकार से समय पर अनुदान और टैक्स का हिस्सा लगभग 13,000 करोड़ मिल जाता, तो हम बजट के लक्ष्य को शत-प्रतिशत प्राप्त कर लेते. प्रदर्शन अनुमानों के अनुरूप रहा है.

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31 मार्च को रिकॉर्ड निकासी

वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन सरकारी मशीनरी ने रिकॉर्ड रफ्तार दिखाई और महज 24 घंटे में 3,616 करोड़ रुपये की निकासी की गई. खान और उत्पाद ने खजाना भरा, वहीं दूसरी ओर बजट का एक बड़ा हिस्सा खर्च न हो पाने के कारण वापस करना पड़ा. सरकार ने पूरे मार्च महीने में 19,000 करोड़ रुपये खर्च किए.

खान और उत्पाद विभाग का रिकॉर्ड

खान विभागने 18,508 करोड़, उत्पाद विभाग ने 4,020 करोड़ राजस्व प्राप्ति की. जो लक्ष्य से 135 करोड़ अधिक रहा. परिवहन विभाग ने 2,196.66 करोड़ राजस्व की प्राप्ति की जो पिछले साल की तुलना में 282 करोड़ अधिक रहा. वहीं खान विभाग की इस सफलता के पीछे सेस से मिले 7,454 करोड़ और रॉयल्टी से मिले 11,054 करोड़ का बड़ा योगदान रहा.

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अंतिम महीने में मार्च रश

• बजट सरेंडर: लगभग 29,000 करोड़ रुपये की राशि खर्च नहीं हो पाई और उसे सरेंडर करना पड़ा.
• प्रमुख आवंटन: कुल 1.45 लाख करोड़ के बजट में सबसे ज्यादा फोकस महिला एवं बाल विकास 22,023 करोड़ और मईंय़ा सम्मान योजना 13,363 करोड़ पर रहा.

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