Ranchi: झारखंड के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है. राज्य में न केवल प्रमुख खाद्यान्नों की उपलब्धता में ऐतिहासिक सुधार हुआ है, बल्कि आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला महंगाई का बोझ भी राष्ट्रीय औसत की तुलना में काफी कम दर्ज किया गया है. सरकार के आंकड़ों के अनुसार राज्य अब आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है.
ये भी पढ़ें : असम की धरती से हेमंत सोरेन की हुंकार : सरुपथर का अभिमान है तीर-धनुष, यही दिलाएगा चाय बागान श्रमिकों को हक
दाल और चावल की उपलब्धता में तीन गुना सुधार
• चावल: प्रति व्यक्ति उपलब्धता बढ़कर 137.6 किलोग्राम हो गई है.
• गेहूं: प्रति व्यक्ति उपलब्धता 16.3 किलोग्राम तक पहुंच गई है.
• दालें: उपलब्धता 29.34 किलोग्राम हो गई है, जो पुराने स्तरों से लगभग तीन गुना अधिक है.
दूध, अंडा और सब्जियों की बढ़ी खपत
• दूध: वर्ष 2019-20 में दूध की प्रति व्यक्ति उपलब्धता 60.34 किलो थी, जो 2024-25 में 27.9% बढ़कर 77.16 किलोग्राम हो गई है.
• अंडा: पिछले चार वर्षों में अंडे की उपलब्धता में 44.5 फीसदी का उछाल आया है. अब यह 18.01 से बढ़कर 26.03 यूनिट प्रति व्यक्ति हो गई है.
• सब्जियां: सब्जियों की उपलब्धता 126.71 किलोग्राम प्रति व्यक्ति दर्ज की गई, जो 2021-22 की तुलना में 16.5 फीसदी अधिक है.
ये भी पढ़ें : सरायकेला को-ऑपरेटिव बैंक 32 करोड़ घोटाला: CID जांच के आधार पर तीन दोषियों को सजा, दो को 10-10 साल और एक को 5 साल की कैद
