रांची: बजट सत्र के तीसरे दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सदन में सियासी तल्खी देखने को मिली. सुरेश पासवान ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि देश को हिंदू राष्ट्र बनाने का प्रयास कभी सफल नहीं होगा. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा धर्म के नाम पर राजनीति करती है और जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाती है. मनरेगा और नगर निकाय चुनाव को लेकर भी उन्होंने केंद्र और भाजपा की नीतियों पर सवाल उठाए. पासवान ने पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में आदिवासियों के हित में अपेक्षित काम नहीं हुआ. गोड्डा पावर प्लांट और पूंजीपतियों को बढ़ावा देने जैसे मुद्दों को लेकर भी उन्होंने भाजपा को घेरा.

जयराम महतो की मांगें, स्थानीय नीति पर चर्चा की उठी आवाज
जयराम महतो ने आंदोलनकारियों के लिए मासिक आर्थिक सहायता की मांग की. उन्होंने कहा कि जेल जाने वाले आंदोलनकारियों को 15 हजार रुपये और अन्य को 10 हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाएं. बीमार आंदोलनकारियों के लिए निःशुल्क इलाज की व्यवस्था की भी मांग उठाई गई. उन्होंने 1932 की स्थानीय नीति, सरना कोड, ओबीसी आरक्षण और जेपीएससी कट-ऑफ तिथि को लेकर सदन में व्यापक चर्चा की आवश्यकता बताई. छात्रवृत्ति और युवाओं से जुड़े मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए गए.
कानून व्यवस्था और वित्तीय प्रबंधन पर विपक्ष का सवाल
मो. ताजुद्दीन ने अन्य राज्यों में बंग्लाभाषी मजदूरों के साथ कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा उठाया और उनकी पहचान प्रमाणित करने के लिए विशेष व्यवस्था की मांग की. वहीं नीरा यादव ने राज्य में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और योजनाओं की जांच की आवश्यकता बताई. सरयू राय ने जमशेदपुर की लंबित योजनाओं, बजट खर्च की कम प्रगति और 16 हजार करोड़ रुपये के लेखा-जोखा पर सवाल उठाए. ऊर्जा विभाग में 107 करोड़ रुपये के ट्रांसफर और पुलिस की कार्यशैली पर भी उन्होंने चिंता जताई.
सत्ता पक्ष का पलटवार
राजेश कच्छप ने सरकार की योजनाओं का बचाव करते हुए कहा कि सर्वजन पेंशन सहित कई योजनाओं से राज्यवासियों को जोड़ा गया है. उन्होंने भाजपा पर कथनी-करनी में अंतर का आरोप लगाया. अनंत प्रताप देव ने भी केंद्र पर झारखंड के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया. कुल मिलाकर, बजट सत्र के तीसरे दिन सदन में विकास, पहचान, आरक्षण, कानून व्यवस्था और वित्तीय पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर जोरदार बहस हुई. आने वाले दिनों में भी इन मुद्दों पर सियासी घमासान जारी रहने के आसार हैं.

