रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन राज्यपाल के अभिभाषण के समर्थन में सुरेश पासवान ने कहा कि बीजेपी अब राष्ट्रगान को बदलने में लगी है. देश को हिंदू राष्ट्र बनाने का मंसूबा कभी पूरा नहीं होगा. मनरेगा पर उन्होंने कहा कि रामजी से काम नहीं चलने वाला. ये धर्म के नाम पर राजनीति करते हैं. इनका काम है जमीन हड़पना और बजरंगबली की मूर्ति स्थापित कर देना. नगर निकाय चुनाव में ये बोरा खोलने का काम कर रहे हैं. केंद्र सरकार सबका नाम बदलने पर तुली है. कहीं ऐसा न हो कि लोगों के मां-बाप का नाम भी बदल दें. सीएम रहते बाबूलाल मरांडी ने आदिवासियों का कल्याण नहीं किया. अडाणी के लिए गोड्डा प्लांट खुलवाया गया. बिजली बांग्लादेश को भेजी जा रही है. बीजेपी का मतलब बड़े लोगों की पार्टी है. ये पूंजीपतियों के लिए काम करते हैं.

आंदोलनकारियों को हर महीने 15 हजार रुपए देने की मांग
जयराम महतो ने कहा कि जेल जाने वाले आंदोलनकारियों को हर महीने 15 हजार और जेल नहीं जाने वाले आंदोलनकारियों को हर महीने 10 हजार रुपए मिलना चाहिए. जो आंदोलनकारी बीमार हैं, उनका निःशुल्क इलाज होना चाहिए. जेपीएससी का कट-ऑफ डेट एक अगस्त 2018 किया जाना चाहिए. छात्रवृत्ति मिलनी चाहिए. सदन में 1932 की स्थानीय नीति, सरना कोड और ओबीसी आरक्षण पर चर्चा होनी चाहिए.
दूसरे राज्यों में बांग्लाभाषी मजदूरों के उत्पीड़न का मुद्दा
मो. ताजुद्दीन ने कहा कि बांग्लाभाषी मजदूरों को दूसरे राज्यों में प्रताड़ित किया जा रहा है. उन्हें बांग्लादेशी बताकर अत्याचार किया जा रहा है. उन राज्यों में ऐसे अफसरों की तैनाती होनी चाहिए जो प्रमाणित कर सकें कि वे झारखंडी हैं. चाई जाति को एससी और हलधर को एसटी में शामिल करने की मांग की गई.
अपराध और विकास कार्यों पर सवाल
नीरा यादव ने कहा कि हर महीने 5000 से अधिक आपराधिक घटनाएं दर्ज होती हैं. जीरामजी योजना से इतनी नफरत क्यों है. आखिर समय में श्रीराम का नाम लेकर ही जाना पड़ेगा. पहाड़, पठार और जंगल वाले झारखंड को खंड-खंड कर दिया गया है. ये पहाड़ को कैसे पचा लेते हैं. इस पर सुरेश पासवान ने कहा कि दुमका में गिट्टी से लदा ट्रक पकड़ा गया, जो जांच में बीजेपी नेता का निकला. नीरा यादव ने कोडरमा में हाई मास्ट लाइट और स्ट्रीट लाइट लगाने की उच्चस्तरीय जांच की मांग की.
विकास योजनाओं और प्रशासनिक कार्यशैली पर उठे सवाल
सरयू राय ने कहा कि पिछले साल अप्रैल से अब तक जमशेदपुर की छह योजनाओं को स्वीकृति नहीं मिली है. नगर निगम की कार्यप्रणाली भी सुस्त है. अब तक बजट की 50 फीसदी राशि ही खर्च हुई है. 16 हजार करोड़ रुपए का हिसाब नहीं मिल रहा है. इस पर अब तक बैठक नहीं हुई है. ऊर्जा विभाग के 107 करोड़ रुपए 500 से अधिक खातों में ट्रांसफर होकर गायब हो गए. बिना ऑफर दिए राशि सेंट्रल बैंक में जमा कर दी गई. पुलिस किसी भी मामले का उद्भेदन नहीं करती है. आधिकारिक मोबाइल नंबर या तो बंद आता है या उठाया नहीं जाता है. दामोदर नदी की धारा मोड़कर अवैध खनन किया जा रहा है. किस पदाधिकारी को कहां बैठना चाहिए, यह भी तय नहीं हो पा रहा है. एक पदाधिकारी को ऊर्जा सचिव के साथ बिजली कंपनी का सीएमडी बना दिया गया है. क्षमता के अनुसार पदाधिकारियों की नियुक्ति होनी चाहिए.
सरकार की योजनाओं का बचाव
राजेश कच्छप ने कहा कि सरकार राज्यवासियों को योजनाओं से जोड़ने का काम कर रही है. 100 फीसदी झारखंडियों को सर्वजन पेंशन से जोड़ने का काम किया गया है. बाबूलाल मरांडी का कोई इतिहास नहीं है. जब वे झाविमो में थे, तब गोड्डा पावर प्लांट का विरोध करते थे. पाला बदलने के बाद पूंजीपतियों की भाषा बोल रहे हैं. भाजपा के कथनी और करनी में अंतर है. निवेश से राज्य को गति मिलेगी. अनंत प्रताप देव ने कहा कि भाजपा के 95 फीसदी सदस्य सदन में मौजूद नहीं हैं. केंद्र सरकार झारखंड के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है.

