रांची: रांची के सदर अस्पताल में डॉक्टरों ने एक बड़ी और मुश्किल सर्जरी कर कमाल कर दिया. 54 साल के एक मरीज के गर्दन और पीठ के बीच (सर्वाइकल-डॉर्सल) हिस्से में पिछले 17 साल से बढ़ रहा करीब 5 किलो वजनी विशाल ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाल दिया गया. मरीज को कई सालों से गर्दन में भारीपन, तेज दर्द और चलने-फिरने में दिक्कत हो रही थी. ट्यूमर इतना बड़ा हो गया था कि मरीज के लिए सिर झुकाना, ठीक से बैठना और सोना भी मुश्किल हो गया था.

बड़े अस्पतालों ने किया था मना
मरीज पहले कई बड़े अस्पतालों में इलाज के लिए गया, लेकिन ऑपरेशन को बहुत जोखिम भरा बताते हुए सर्जरी से मना कर दिया गया. आखिरकार वह उम्मीद लेकर सदर अस्पताल, रांची पहुंचा. यहां डॉक्टरों की टीम ने चुनौती स्वीकार की.
डॉ. विकास कुमार की टीम ने किया सफल ऑपरेशन
डॉ. विकास कुमार के नेतृत्व में सर्जरी की गई. यह ऑपरेशन लंबा और बेहद जटिल था. इसमें ज्यादा खून बहने का खतरा, नसों और मांसपेशियों को सुरक्षित रखना और बाद में त्वचा का पुनर्निर्माण जैसी बड़ी चुनौतियाँ थीं. लेकिन डॉक्टरों ने पूरी सावधानी और आधुनिक तकनीक के साथ ट्यूमर को पूरी तरह निकाल दिया.
पूरी टीम का रहा अहम योगदान
एनेस्थीसिया टीम में डॉ. निरज, डॉ. वसुंधा, डॉ. ज्योतिका और डॉ. अंचल शामिल रहीं. ऑपरेशन थिएटर स्टाफ संजू, नूर, मंटू और सरिता सुरेश ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
अब मरीज की हालत स्थिर
सर्जरी के बाद मरीज की हालत स्थिर है और वह तेजी से ठीक हो रहा है. अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि यह सफलता साबित करती है कि अब सरकारी अस्पतालों में भी जटिल और बड़े ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए जा रहे हैं.
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