Ranchi: झारखंड हाई कोर्ट में उपसमाहर्ता और सचिवालय सेवा के पदाधिकारियों की प्रोन्नति से संबंधित दाखिल याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई. गुरुवार की सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले में दाखिल हस्तक्षेप याचिका पर सुनवाई के बाद आइएएस पद पर प्रोन्नति के मामले में पहले से तैयार वरीयता सूची के आधार पर कार्यवाही जारी रखने की अनुमति प्रदान की है. हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि 16 जून 2025 को प्रोन्नति पर रोक का आदेश पहले से बनी वरीयता सूची के क्रियान्वयन में बाधक नहीं होगी. इस संबंध में उपसमाहर्ता राधेश्याम प्रसाद सहित अन्य की ओर से हाई कोर्ट में हस्तक्षेप दाखिल की गई है. उनकी ओर से सुनवाई के दौरान कहा गया कि उनकी प्रोन्नति होनी है लेकिन सरकार यह कहते हुए प्रोन्नति नहीं दे रही है कि हाई कोर्ट ने प्रोन्नति पर रोक लगाई है. प्रार्थियों की ओर से आग्रह किया गया कि प्रोन्नति पर लगी रोक हटाई जाए और पूर्व में बनी वरीयता सूची के आधार पर प्रोन्नति देने की अनुमति प्रदान की जाए.
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हाई कोर्ट ने प्रोन्नति देने की अनुमति प्रदान की
अदालत ने उनके आग्रह को स्वीकार करते हुए प्रोन्नति देने की अनुमति प्रदान कर दी है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि विभाग पहले से तैयार वरीयता सूची के आधार पर प्रोन्नति की प्रक्रिया जारी रख सकता है, जिसमें आइएएस के लिए उम्मीदवारों पर विचार भी शामिल है. पूर्व में अदालत ने प्रार्थी अजय कुमार सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए वरीयता सूची में संशोधन होने पर प्रोन्नति देने पर रोक लगा दी थी.
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