गिरिडीह: उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रामनिवास यादव की उपस्थिति में डीआरडीए सभागार में आयोजित भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण (मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना – HLO) से संबंधित तीन दिवसीय फील्ड ट्रेनर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज सफलतापूर्वक समापन हो गया. इस प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए फील्ड ट्रेनर्स, संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मियों ने भाग लिया.
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनगणना 2027 के प्रथम चरण को त्रुटिरहित एवं प्रभावी तरीके से संपन्न कराना रहा.
पूरी जिम्मेदारी, ईमानदारी और सतर्कता के साथ पूरा करें मकान सूचीकरण
अपने संबोधन में उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा कि जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसके आधार पर सरकार विभिन्न योजनाओं और नीतियों का निर्माण करती है. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि मकान सूचीकरण (HLO) इस पूरी प्रक्रिया की नींव है, इसलिए इसे पूरी जिम्मेदारी, ईमानदारी और सतर्कता के साथ पूरा किया जाना चाहिए. उपायुक्त ने सभी फील्ड ट्रेनर्स को निर्देशित किया कि प्रशिक्षण के दौरान दिए गए तकनीकी पहलुओं को गंभीरता से समझें और अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर गणनाकर्मियों को सही ढंग से प्रशिक्षित करें, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि की गुंजाइश न रहे. उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से जनगणना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा रहा है, इसलिए सभी प्रशिक्षकों को डिजिटल उपकरणों, एप्लीकेशन और निर्धारित फॉर्मेट की पूरी जानकारी होना अनिवार्य है.
प्रतिभागियों को दी गई रिपोर्टिंग प्रणाली की विस्तृत जानकारी
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, स्मृता कुमारी ने भी प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कार्यक्रम फील्ड ट्रेनर्स के लिए अत्यंत उपयोगी है. इससे वे जनगणना प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझकर अपने क्षेत्र में गणनाकर्मियों को प्रभावी प्रशिक्षण दे सकेंगे. उन्होंने सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया, ताकि जिले में जनगणना का कार्य समयबद्ध और सुचारू रूप से पूरा हो सके. प्रशिक्षण सत्र के दौरान राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर आकाश बाजपेई एवं जिला परियोजना पदाधिकारी अमित कुमार ने प्रतिभागियों को मकान सूचीकरण की प्रक्रिया, फॉर्म भरने की विधि, डेटा संकलन, सत्यापन, समय-सीमा एवं रिपोर्टिंग प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी. साथ ही, घर-घर जाकर सटीक जानकारी संग्रह करने, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों की भिन्न परिस्थितियों में कार्य करने तथा संभावित चुनौतियों से निपटने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई.
प्रशिक्षकों ने विशेष रूप से डेटा की गोपनीयता एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया और सभी प्रतिभागियों को जनगणना के महत्व के प्रति आमजन को जागरूक करने की जिम्मेदारी भी सौंपी. कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी, डीआरडीए निदेशक रंथू महतो, जिला नजारत उप समाहर्ता आशुतोष ठाकुर, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी जितेंद्र कुमार दुबे, जिला परियोजना पदाधिकारी अमित कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे.
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