Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची में अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए डीजीपी ने एक बड़ा कदम उठाया है. शहर की निगरानी प्रणाली यानी तीसरा-नेत्र (सीसीटीवी नेटवर्क) को अधिक प्रभावी और हाई-टेक बनाने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है. पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह समिति रांची के शहरी क्षेत्रों में लगे मौजूदा कैमरों की समीक्षा करेगी और सुरक्षा के नए मानकों को तय करेगी.
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समिति का स्वरूप और मुख्य सदस्य
सुरक्षा व्यवस्था की बारीकियों को समझने और तकनीकी सुधार के लिए राज्य के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को इस जिम्मेदारी के लिए चुना गया है.
– अध्यक्ष मनोज कौशिक ( एडीजी, सीआईडी)
– सदस्य: इन्द्रजीत महथा (डीआईजी, झारखंड जगुआर)
– सदस्य: राकेश रंजन (एसएसपी रांची)
समिति के मुख्य कार्य और प्राथमिकताएं
– शहर में वर्तमान में सक्रिय सभी सीसीटीवी कैमरों की कार्यक्षमता और उनकी रिकॉर्डिंग क्वालिटी की जांच करना
– पुराने और कम स्पष्टता वाले कैमरों के स्थान पर उच्च रेजोल्यूशन वाले कैमरे लगाना, ताकि अपराधियों की पहचान और नंबर प्लेट की रीडिंग आसानी से हो सके.
– शहर के उन संवेदनशील इलाकों, चौक-चौराहों और गलियों की पहचान करना जहां अभी तक कैमरे नहीं लगे हैं, ताकि सुरक्षा का घेरा और मजबूत किया जा सके.
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शीघ्र सौंपी जाएगी विस्तृत रिपोर्ट
समिति को पूरे शहरी क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण कर जल्द से जल्द एक विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपने का निर्देश दिया गया है. रिपोर्ट मिलने के तुरंत बाद, कैमरों के प्रभावी और सक्रिय उपयोग के लिए आवश्यक तकनीकी बदलाव और नए उपकरणों की स्थापना की कार्रवाई शुरू की जाएगी.
