Gumla : गुमला में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देश पर पोषण अभियान के अंतर्गत पोषण पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है. यह 9 से 23 अप्रैल 2026 तक चलेगा. आज गुमला स्थित समाहरणालय भवन परिसर में उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इसके माध्यम से जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कुपोषण के प्रति व्यापक जन-जागरूकता फैलायी जाएगी. इस वर्ष पोषण पखवाड़ा का मुख्य थीम “बचपन के पहले 6 साल पोषण, पढ़ाई के लिए बेमिसाल” रखा गया है. इसके अंतर्गत मातृत्व एवं शिशु पोषण, 0-3 वर्ष के बच्चों के मस्तिष्क विकास के लिए प्रारंभिक प्रोत्साहन, 3-6 वर्ष के बच्चों के लिए खेल आधारित शिक्षा, स्क्रीन टाइम को कम करने में अभिभावकों एवं समुदाय की भूमिका तथा सशक्त आंगनबाड़ी के लिए सामुदायिक सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष फोकस किया जाएगा.
यह भी पढ़ें : रांची में 12 अप्रैल को सजेगा इंडियन एथलेटिक्स सीरीज–4 का मंच, 225 खिलाड़ी दिखाएंगे दमखम
आंगनबाड़ी केंद्रों में होगा जन जागरूकता अभियान का आयोजन
पोषण पखवाड़ा के दौरान जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में विभिन्न जन-जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी. साथ ही 15 से 21 अप्रैल 2026 तक वृद्धि निगरानी सप्ताह का आयोजन करते हुए बच्चों की वृद्धि की नियमित निगरानी एवं आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया जाएगा. अभियान के तहत FRS वेरिफिकेशन, लाभार्थियों का पंजीकरण, आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारभूत संरचना से संबंधित जानकारी का अद्यतन एवं पोषण ट्रैकर पर डेटा प्रविष्टि सुनिश्चित की जाएगी. साथ ही जन आंदोलन डैशबोर्ड पर भी नियमित रूप से गतिविधियों का डेटा अपलोड किया जाएगा. प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में प्रतिदिन 4 से 5 गतिविधियों के आयोजन एवं उससे संबंधित डेटा प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. प्रत्येक गतिविधि से संबंधित अधिकतम दो गुणवत्तापूर्ण छाया चित्र अपलोड किए जाएंगे. सभी डेटा प्रविष्टि की अंतिम तिथि 28 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है.

कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए दिलाई गई शपथ
मौके पर उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने कहा कि कुपोषण एक गंभीर सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी चुनौती है, जिससे निपटने के लिए जन भागीदारी अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने सभी संबंधित विभागों, पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देशित किया कि अभियान के दौरान अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच बनाते हुए गतिविधियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें. उन्होंने आमजनों, विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, किशोरियों एवं बच्चों के अभिभावकों से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं तथा संतुलित आहार, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होकर कुपोषण मुक्त गुमला के निर्माण में योगदान दें. इस मौके पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे.
