डायन प्रथा के खिलाफ गुमला पुलिस का अभियान, ग्रामीणों को किया जागरूक

Gumla: झारखंड का गुमला जिला आज भी कई मामलों में पिछड़ा हुआ नजर आता है. खासकर यहां अंधविश्वास से जुड़ी घटनाएं समय-समय...

Gumla: झारखंड का गुमला जिला आज भी कई मामलों में पिछड़ा हुआ नजर आता है. खासकर यहां अंधविश्वास से जुड़ी घटनाएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं. डायन-बिसाही जैसी कुरीतियों के कारण कई निर्दोष लोगों की जान चली जाती है, जो मानवता और सामाजिक रिश्तों को झकझोर देती हैं.

जागरूकता अभियान की चुनौती

जिला प्रशासन स्तर पर लगातार जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं. उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित और एसपी हरीश बिन जमां भी विभिन्न मंचों से लोगों को जागरूक करने की अपील करते रहते हैं. हालांकि कई बार ये अभियान सिर्फ औपचारिकता बनकर रह जाते हैं और जमीनी स्तर पर इनका असर सीमित दिखाई देता है.

स्थानीय स्तर पर पहल की जरूरत

अगर इस तरह के अभियानों को सफल बनाना है तो प्रखंड स्तर के अधिकारियों, विशेषकर बीडीओ और थाना प्रभारी की सक्रिय भूमिका बेहद जरूरी हो जाती है. आमतौर पर अधिकारी अपने नियमित कार्यों में व्यस्त रहते हैं, लेकिन समाज को जागरूक किए बिना विकास की कल्पना अधूरी है.

घाघरा थाना प्रभारी की पहल चर्चा में

इसी बीच गुमला जिले में घाघरा थाना प्रभारी मोहन कुमार सिंह की पहल इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है. वे लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को अंधविश्वास के खिलाफ जागरूक कर रहे हैं. खासकर डायन-बिसाही से जुड़ी घटनाओं पर वे लोगों को कानून और उसके दुष्परिणामों की जानकारी दे रहे हैं.

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गांव में जागरूकता बैठक का आयोजन

इसी क्रम में घाघरा प्रखंड मुख्यालय स्थित बस्ती में रविवार को थाना प्रभारी मोहन कुमार सिंह की पहल पर एक महत्वपूर्ण जागरूकता बैठक आयोजित की गई. बैठक में मुखिया योगेंद्र भगत समेत स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे.

डायन प्रथा पर रोक की अपील

बैठक के दौरान थाना प्रभारी ने डायन-बिसाही जैसी अमानवीय प्रथा पर चिंता जताते हुए इसे समाज से खत्म करने की अपील की. उन्होंने बताया कि इस तरह की घटनाओं में शामिल लोगों को कानून के तहत सख्त सजा मिलती है.

यातायात और साइबर अपराध पर भी जागरूकता

उन्होंने रैश ड्राइविंग के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए लोगों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की. अभिभावकों से कहा गया कि वे बच्चों को कम उम्र में वाहन न दें और शराब पीकर वाहन चलाने से बचें. साथ ही साइबर क्राइम से बचाव के उपायों और नशा मुक्ति के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई.

जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपील

थाना प्रभारी ने कहा कि जागरूकता ही अपराध रोकने का सबसे प्रभावी माध्यम है. उन्होंने जनप्रतिनिधियों से पंचायत स्तर पर इस तरह के कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की अपील की.

ग्रामीणों ने लिया संकल्प

कार्यक्रम में मुखिया योगेंद्र भगत ने भी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाने का आह्वान किया. अंत में ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए समाज को सुरक्षित और जागरूक बनाने में सहयोग देने का संकल्प लिया.

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