Palamu: अरुणाचल प्रदेश राज्य आजीविका मिशन की 18 सदस्यीय टीम इन दिनों पलामू जिले के नौडीहा बाजार एवं विश्रामपुर प्रखंड का भ्रमण कर रही है. टीम का उद्देश्य झारखंड में अल्ट्रा पुअर परिवारों के बीच संचालित आजीविका कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन को समझना और अपने राज्य में इसे लागू करने की तैयारी करना है.
भ्रमण के दौरान टीम ने JSLPS के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं, प्रशिक्षण प्रक्रियाओं तथा ग्राउंड लेवल इंप्लीमेंटेशन का अवलोकन किया. सखी मंडल की दीदियों द्वारा किए जा रहे कार्यों और उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों ने टीम को विशेष रूप से प्रभावित किया.
सखी मंडल की पहल और स्वरोजगार मॉडल ने किया प्रभावित
टीम सदस्य करमा ने बताया कि झारखंड में पिछले तीन वर्षों में अल्ट्रा पुअर परिवारों के बीच हुए कार्य देश के लिए एक उदाहरण बन गए हैं. योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति से उन्हें काफी प्रेरणा मिली है, जिसे अरुणाचल प्रदेश में लागू करने की योजना बनाई जा रही है.
इस दौरान उपज परियोजना के कार्यों का भी निरीक्षण किया गया. टीम ने देखा कि किस प्रकार सखी मंडल की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उनके जीवन स्तर में व्यापक सुधार लाया गया है. सिलाई, अगरबत्ती निर्माण, दोना-पत्तल निर्माण, अपैरल पार्क और बासौरा फार्म जैसी गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है.
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झारखंड मॉडल से अरुणाचल को मिलेगी दिशा
राज्य कार्यक्रम प्रबंधक ने पलामू में चल रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि दूर-दराज के क्षेत्रों में भी महिलाओं के जीवन में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला है. उन्होंने बताया कि अरुणाचल प्रदेश में भौगोलिक चुनौतियों के कारण आजीविका कार्यों को लागू करना कठिन होता है, लेकिन झारखंड के अनुभव से इस दिशा में मदद मिलेगी.
जिला कार्यक्रम प्रबंधक ने टीम को जिले में चल रही फार्म एवं नन-फार्म आधारित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी. साथ ही सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा सखी मंडल को उपलब्ध कराए जा रहे विभिन्न योजनाओं के लाभों से भी अवगत कराया गया. टीम लीडर सोमी पैती ने कहा कि वर्ष 2017 से झारखंड में आजीविका को लेकर कई प्रभावी कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं और इसी मॉडल को देखते हुए अरुणाचल प्रदेश में भी समावेशी आजीविका योजना लागू करने की तैयारी की जा रही है.
टीम दो दिनों तक पलामू में रहकर विभिन्न गतिविधियों का अध्ययन करेगी. यह दौरा अरुणाचल प्रदेश में समावेशी आजीविका मिशन को प्रभावी ढंग से लागू करने में मील का पत्थर साबित हो सकता है.
