Ranchi: झारखंड की सियासत में शनिवार को उस वक्त एक बड़ा सियासी हलचल उत्पन्न हो गई, जब राज्य से दो बार राज्यसभा सांसद रह चुके दिग्गज उद्योगपति और रणनीतिकार परिमल नाथवाणी अचानक रांची पहुंचे. हवाई अड्डे से सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास जाकर उनसे मुलाकात करने के बाद, सूबे के सियासी गलियारों में कयासों का बाजार गर्म हो गया. दरअसल, इस मुलाकात से ठीक पहले दिन में नाथवाणी के वकील ने विधानसभा पहुंचकर रिटर्निंग ऑफिसर से नामांकन पत्र खरीद लिया था. सूत्रों का दावा है कि नाथवाणी इस बार निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतर सकते हैं. उनकी इस सरप्राइज एंट्री ने दो सीटों के लिए होने वाले राज्यसभा चुनाव के सीधे अंकगणित को एक बेहद उलझे हुए त्रिकोणीय मुकाबले में बदल दिया है.

क्यों बढ़ी पार्टियों की धड़कनें
सियासी गलियारों में चर्चा है कि परिमल नाथवाणी के पास निर्दलीय और छोटे दलों के विधायकों को साधने का पुराना और बेहद सफल अनुभव है. परिमल नाथवाणी के रांची में कदम रखते ही झारखंड की राज्यसभा रेस अब वॉकओवर नहीं, बल्कि वोट-टू-वोट की तगड़ी जंग में तब्दील हो चुकी है. देखना दिलचस्प होगा कि इस नए एंगल से ऊंट किस करवट बैठता है.
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