रांची: झारखंड में सक्रिय नक्सलियों को मुख्यधारा में लाने और आत्मसमर्पण कर चुके पूर्व नक्सलियों को सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने कड़े कदम उठाए हैं. गुरुवार को डीजीपी ने पुलिस मुख्यालय स्थित सभागार से राज्य के सभी जिलों के पुलिस एसपी के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में राज्य की प्रत्यार्पण एवं पुनर्वास नीति के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की गई.
आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास को सुनिश्चित करने के लिए दिए गए निर्देश
– प्रत्येक जिले के एसपी निर्देश दिया गया है कि वे अपने जिले में सब इंस्पेक्टर या उससे ऊपर के स्तर के एक अधिकारी को नोडल पदाधिकारी के रूप में नियुक्त करें. यह अधिकारी आत्मसमर्पित नक्सलियों की व्यक्तिगत समस्याओं के समाधान और योजनाओं के लाभ की निगरानी करेंगे.
– आत्मसमर्पित नक्सलियों के विरुद्ध कोर्ट में लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए स्पीडी ट्रायल सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि उन्हें कानूनी प्रक्रियाओं में अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े.
– डीजीपी ने अधिकारियों को पुनर्वास नीति का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया. इसका उद्देश्य जंगलों में सक्रिय अन्य नक्सलियों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना और उन्हें हिंसा त्यागकर मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित करना है.
– समीक्षा के दौरान स्पष्ट किया गया कि सरकारी प्रावधानों के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता और अन्य सुविधाएं बिना किसी बाधा के लाभार्थियों तक पहुंचनी चाहिए.
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