हजारीबाग: सरकारी अस्पतालों में प्रसूता से वसूली जाती है ढाई से तीन हजार रुपये की रंगदारी, जांच शुरू

हजारीबाग: जिले के सभी सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में प्रसव कराने पहुंची प्रसूता से सरकारी कर्मी ढाई से...

Hazaribagh Hospital
सरकारी अस्पतालों में प्रसूता से वसूली जाती है ढाई से तीन हजार रुपये की रंगदारी

हजारीबाग: जिले के सभी सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में प्रसव कराने पहुंची प्रसूता से सरकारी कर्मी ढाई से तीन हजार रुपये की रंगदारी वसूलते हैं. समय-समय पर इस तरह की खबरें भी सुर्खियां बनते रहती है.  ताजा तारीन मामला जिले के बरकट्ठा प्रखंड का सामने आया है. मामला प्रकाश में आने के बाद डीसी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने इसकी जांच पड़ताल शुरू कर दी है. जानकारी के अनुसार बरकट्ठा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित एएनएम लक्ष्मी सुमन के विरुद्ध डिलीवरी के दौरान पैसे लेने की शिकायत पर जिला स्तरीय टीम जांच करने बरकट्ठा पहुंची.

आठ सदस्यीय जांच टीम गठित कर रिपोर्ट सौंपने का आदेश

ग्राम सलैया निवासी संतोष कुमार मंडल ने हजारीबाग सिविल सर्जन एवं पीजी पोर्टल पर शिकायत दर्ज की थी, जिसके आलोक में हजारीबाग सिविल सर्जन ने बरही अनुमंडलीय चिकित्सा प्रभारी डॉ. प्रकाश ज्ञानी के नेतृत्व में एक आठ सदस्यीय जांच टीम का गठन कर जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा. मामले को लेकर बरही चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ. प्रकाश ज्ञानी, चौपारण चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ. बीएन ठाकुर, बरकट्ठा चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ. रत्ना रानी कुंज व अन्य ने मामले की जांच की.

कई महिलाओं ने बताया पैसे लेने वाली बात

मौके पर पूर्व मुखिया बसंत साव ने टीम को बताया कि एएनएम लक्ष्मी सुमन प्रसव गृह में डीलीवरी के समय लोगों से पैसे की मांग करती है.  सहिया शायरा खातून ने भी एएनएम पर अवैध पैसे लेने की बात कहीं. वहीं मौके पर मौजूद बरकट्ठा निवासी नगीया देवी, पूनम देवी, लक्ष्मी देवी समेत कई महिलाओं ने टीम को बताया कि डीलीवरी के समय और जन्म प्रमाण पत्र के नाम पर 2500 से 3000 रुपये लिए जाते हैं. इस बाबत डॉ. प्रकाश ज्ञानी ने कहा कि सभी लोगों के ब्यान और जांच रिपोर्ट सिविल सर्जन हजारीबाग को सौंप दिया जाएगा. इसके पश्चात वरिय पदाधिकारियों के आदेश का पालन करेंगे.

जानकारी हो कि इसके पूर्व भी एएनएम लक्ष्मी सुमन पर बरकट्ठा अस्पताल में रहते हुए लगे आरोप के बाद हटा दिया गया था, जिसके पश्चात एक जनप्रतिनिधि की पैरवी पर उसे दोबारा बरकट्ठा भेज दिया जाना लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया था. इस बाबत एएनएम लक्ष्मी सुमन का कहना है कि मेरे ऊपर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं.

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