Akshay Kumar Jha

Ranchi: जेएमएम की तरफ से राज्यसभा के उम्मीदवार की घोषणा कर दी गयी है. पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक बैद्यनाथ राम को JMM की तरफ से उम्मीदवार बनाया गया है. इस घोषणा के बाद मीडिया और राजनीतिक गलियारों में यह बात चल रही है कि हेमंत सोरेन ने हर बार की तरह इस बार भी अपना मास्टर स्ट्रोक खेला है. कहीं ना कहीं यह सही भी है. कोई नहीं जानता था कि जेएमएम की तरफ से बैद्यनाथ राम उम्मीदवार हो सकते थे. लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि हेमंत सोरेन ने मीडिया और अपनी पार्टी के अलावा दूसरी पार्टियों को ईशारा भी किया था कि हमारा उम्मीदवार कौन होगा? हालांकि, कोई पकड़ नहीं पाया.
आखिर राज्यसभा चुनाव के मंथन के वक्त वहां कर क्या रहे थे बैद्यनाथ
राज्यसभा चुनाव को लेकर सूबे भर में राजनीति चरम पर थी. कांग्रेस ने एक दिन पहले ही अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी थी. हेलीकॉप्टर शॉट खेलते हुए कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार आसमान से मैदान में उतार दिया. जिसके बाद और तपिश बढ़ने लगी. जेएमएम के प्रवक्ता आग बबूला हो गए. विपक्ष की पार्टी और अपने गठबंधन की पार्टी को प्रेस कॉन्फ्रेंस में धो डाला. उसी दिन यानी बीता हुआ कल यानी पांच तारीख को सूबे के मुखिया हेमंत सोरने ने राज्यसभा चुनाव को लेकर पार्टी की बैठक बुलायी. इस बैठक के बाद सीएम के पीआर एजेंसी की तरफ से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाला गया. पोस्ट में जो फोटो था, वो गौर करने वाली बात थी. लेकिन किसी ने की नहीं. फोटो में जितने भी नेता उपस्थित हैं वो वर्तमान में जनप्रतिनिधि (विधायक/सांसद) हैं.
जैसे…
04 मंत्री (हफीजुल हसन, योगेंद्र प्रसाद, दीपक बिरुवा और सुदिव्य कुमार)
03 विधायक (स्टीफन मरांडी, मथुरा महतो, बसंत सोरेन)
01 सांसद (नलिन सोरेन)
इसमें केवल एक ही शख्स वर्तमान में जनप्रतिनिधि नहीं है. वो हैं पूर्व शिक्षा मंत्री बैद्यनाथ राम. एक पत्रकार को तो उसी समय मंथन करना चाहिए कि किसी राजनीतिक दल की उच्च स्तरीय बैठक में केवल एक ही पूर्व विधायक क्यों है? वो वहां कर क्या रहा है. लेकिन किसी की सोच वहां तक नहीं गयी. मेरी भी नहीं.
राजनीति के सूरमा कहे जाने वालों ने क्या कहा
तीस साल से राजनीति की बारिकी को समझने वाले एक फलाना संस्थान के संपादक ने यह लिखवा दिया कि दो उम्मीदवार जेएमएम उतारने वाली है. नाम तक की घोषणा कर दी गयी. हालांकि उन दोनों नामों में से एक को भी टिकट नहीं मिला. एक दैनिक समाचार के ब्यूरो चीफ ने कह दिया कि महाराज हेमंत जी तो हमेशा सरप्राइज करते हैं. इस बार भी ऐसा ही कर दिया. लेकिन किसी ने अपनी गलती नहीं स्वीकारी. रांची के एक दैनिक अखबार के पत्रकार ने इस चीज को बहुत ही करीब से देखा. और उसने अपने फेसबुक पोस्ट में सारी बात लिख दी. तो ऐसे में हम पत्रकारों को अब प्रेस रीलिज से हटकर दिमाग लगाने पर काम करना होगा.
