Ranchi: राज्य के साढ़े तीन लाख अंत्योदय कार्डधारकों की मिठास अब फीकी नहीं पड़ेगी. खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने चीनी वितरण व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए एक बड़ा और नीतिगत बदलाव किया है. अब चीनी की सप्लाई के लिए ठेकेदारों के साथ तीन महीने का अल्पकालिक करार नहीं, बल्कि पूरे एक साल का मेगा टेंडर होगा. विभाग का यह कदम उस गतिरोध को तोड़ने के लिए उठाया गया है, जिसके कारण बार-बार टेंडर निकलने के बावजूद कोई भी कंपनी आगे नहीं आ रही थी. अब लंबी अवधि के करार से न केवल ठेकेदारों को काम करने में आसानी होगी, बल्कि आम जनता को भी समय पर चीनी मिलना सुनिश्चित हो सकेगा.
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ठेकेदारों की हिचकिचाहट हुई दूर
तीन महीने की छोटी अवधि के कारण संवेदक बुनियादी ढांचा तैयार करने में कतराते थे. एक साल का समय मिलने से अब बड़ी एजेंसियां और चीनी मिल मालिक रुचि दिखाएंगे.
सवा चार लाख परिवारों को सीधा लाभ
वर्तमान में करीब साढ़े तीन लाख अंत्योदय कार्डधारकों को प्रति माह 1 किलो चीनी मिलती है. नई व्यवस्था से कागजी देरी खत्म होगी और राशन दुकानों तक सप्लाई निर्बाध पहुंचेगी.
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क्या कहते हैं खाद्य आपूर्ति निदेशक?
खाद्य निदेशालय के निदेशक दिलीप तिर्की के अनुसार, इस बदलाव का उद्देश्य संवेदकों को बेहतर कार्य वातावरण देना और उपभोक्ताओं तक योजना का लाभ बिना किसी रुकावट के पहुंचाना है.
