रांची: इस साल यानी वित्तीय वर्ष 2026-27 के अबुआ दिशोम बजट का आकार बड़ा हो सकता है. 24 फरवरी को वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर सदन में बजट पेश करेंगे. अबुआ दिशोम बजट राज्य के रजत जयंती वर्ष के रूप में पेश किया जाएगा, इस कारण यह बजट विशेष महत्व रखता है.

सरकार चाहती है कि यह बजट यूनिक, मजबूत और जनहितकारी हो—ऐसा बजट, जो इससे पहले कभी प्रस्तुत न किया गया हो और जो अन्य राज्यों के लिए भी एक मिसाल बने. जानकारी के अनुसार, इस बार का बजट एक लाख 70 हजार करोड़ हो सकता है. इस बार के बजट में टूरिज्म, कृषि, एजुकेशन, स्पोर्ट्स और आधारभूत संरचनाओं पर फोकस रहने की संभावना है. बजट के लिए 1550 सुझाव प्राप्त किए गए थे.
नारी सशक्तिकरण पर फोकस
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार नारी सशक्तिकरण की दिशा में लगातार कार्य कर रही है. राज्य की आधी आबादी यानी महिलाओं के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है.
मंईयां सम्मान योजना के माध्यम से महिलाओं का आर्थिक सुदृढ़ीकरण हो रहा है. इस दिशा में राज्य के बैंकर्स सरकार को और अधिक सहयोग प्रदान कर सकते हैं, ताकि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सके. बैंकर्स द्वारा दिए गए बहुमूल्य सुझावों को बजट में शामिल किया गया है.
चालू वित्तीय वर्ष में बजट की सिर्फ 55.14 फीसदी राशि ही खर्च
चालू वित्तीय वर्ष के बजट की सिर्फ 55.14 फीसदी राशि ही खर्च की जा सकी है. स्टेट स्कीम की 58.26 फीसदी राशि खर्च हुई है. जबकि सेंट्रल स्कीम की 33.17 फीसदी राशि ही खर्च की जा सकी है.
मूल बजट एक लाख 45 हजार करोड़ का है. इसमें से अब तक 81,593.76 करोड़ राशि खर्च की जा चुकी है. वित्त मंत्री ने दावा किया है कि 31 मार्च तक 90 फीसदी राशि खर्च कर दी जाएगी.

