झारखंड कैडर के आइएएस का ग्लोबल रसूख: वाशिंगटन डीसी से नीति आयोग तक, केंद्र सरकार की धुरी बने राज्य के ये अफसर

  Ranchi: झारखंड की माटी से प्रशासनिक अनुभव प्राप्त करने वाले आईएएस अधिकारियों ने आज देश-दुनिया के महत्वपूर्ण नीतिगत ढांचों में अपनी...

 

Ranchi: झारखंड की माटी से प्रशासनिक अनुभव प्राप्त करने वाले आईएएस अधिकारियों ने आज देश-दुनिया के महत्वपूर्ण नीतिगत ढांचों में अपनी विशिष्ट पहचान बना ली है. चाहे वह वाशिंगटन डीसी में डिजिटल क्रांति की रणनीति बनाना हो, या केंद्र सरकार के मंत्रालयों में महत्वपूर्ण फाइलों का निपटारा. झारखंड कैडर के अधिकारी आज पावर सेंटर की मुख्य भूमिका में नजर आ रहे हैं.

सात समंदर पार झारखंड का गौरव

कभी रांची के उपायुक्त के रूप में अपनी कुशल कार्यशैली के लिए चर्चित रहे राय महिमापत रे आज अंतरराष्ट्रीय पटल पर झारखंड का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. वर्तमान में वे अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में सीनियर डिजिटल डेवलपमेंट स्पेशलिस्ट के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. उनका यह पद वैश्विक डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है.

दिल्ली के पावर कॉरिडोर में दबदबा

केंद्र सरकार के सबसे महत्वपूर्ण थिंक-टैंक नीति आयोग से लेकर विभिन्न मंत्रालयों में झारखंड के अधिकारियों का सीधा हस्तक्षेप है.एस मुत्थू कुमार नीति आयोग के वाइस चेयरमैन के पीएस के रूप में नीतिगत निर्णयों में अहम भूमिका निभा रहे हैं. वहीं अमित कुमार केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री के पीएस के तौर पर आदिवासी कल्याण की योजनाओं का खाका खींच रहे हैं. शांतनु अग्रहरि केंद्रीय जलशक्ति राज्य मंत्री के पीएस के रूप में देश के जल प्रबंधन और मिशनों को गति दे रहे हैं. इसके अलावा बसारत क्यूम अपनी विशेष प्रतिनियुक्ति के तहत जम्मू-कश्मीर में सेवा दे रहे हैं, जबकि दिव्यांशु झा और रवि शंकर शुक्ला जैसे युवा अधिकारी फॉरेन स्टडी लीव के जरिए अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के साथ अपनी विशेषज्ञता को और धार दे रहे हैं.

मंत्रालयों की कमान संभाल रहे अनुभवी हाथ

झारखंड के वरिष्ठ अधिकारी (सीएस और प्रधान सचिव रैंक) केंद्र सरकार के मंत्रालयों की रीढ़ बने हुए हैं. निधि खरे और सत्येंद्र सिंह मुख्य सचिव रैंक के ये अधिकारी केंद्र में मंत्रालयों की पूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. प्रधान सचिव स्तर की टीम भी दिल्ली में झारखंड का प्रतिनिधित्व कर रही है. जिसमें सुनील वर्णवाल, राहुल शर्मा, केके सोन, हिमानी पांडेय और अराधना पटनायक जैसे दिग्गज अधिकारी केंद्र के महत्वपूर्ण विभागों में तैनात हैं.

Also Read: झारखंड के नगर निकायों में खजाने की आस: निजी और सरकारी संपत्तियों से 255 करोड़ वसूलने का लक्ष्य, एक लाख से अधिक आवेदन पेंडिंग

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *