झारखंड के नगर निकायों में खजाने की आस: निजी और सरकारी संपत्तियों से 255 करोड़ वसूलने का लक्ष्य, एक लाख से अधिक आवेदन पेंडिंग

Ranchi: झारखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य के नगर निकायों की आर्थिक सेहत सुधारने की दिशा में रोडमैप तैयार...

Ranchi: झारखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य के नगर निकायों की आर्थिक सेहत सुधारने की दिशा में रोडमैप तैयार किया है. राज्य के 48 नगर निकायों, नगर पंचायतों और नगर परिषदों में राजस्व संग्रहण को लेकर सरकार अब एक्शन मोड में है.

राजस्व का गणित: निजी संपत्तियों पर टिकी बड़ी उम्मीद

राज्य सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष में 2026-27 में 255 करोड़ रुपये से अधिक के टैक्स संग्रहण का खाका खींचा गया है. इसमें सबसे बड़ा हिस्सा निजी संपत्ति स्वामियों का है।निजी संपत्ति टैक्स लक्ष्य 235 करोड़ 30 लाख 61 हजार713 रुपए रखा गया है. वहीं सरकारी संपत्ति से 10 करोड़ 59 लाख 90 हजार रुपए टैक्स वसूली का लक्ष्य रखा गया है.

स्वमूल्यांकन की दौड़: 8.55 लाख लोगों ने किया आवेदन

नगर विकास एवं आवास विभाग के तहत संपत्ति कर को पारदर्शी बनाने के लिए शुरू की गई स्वमूल्यांकन प्रक्रिया में 48 निकायों से कुल 8,55,324 आवेदन प्राप्त हुए हैं. इसमें 7,14,383 आवेदनों को अपनी मंजूरी दे दी गई है. वर्तमान में 1,40,941 आवेदन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में लंबित हैं. झारखंड के छोटे नगर पंचायतों और नगर परिषदों के लिए यह राशि ड्रेनेज सिस्टम, स्ट्रीट लाइट, पार्कों के सौंदर्यीकरण और कूड़ा प्रबंधन जैसे कार्यों के लिए संजीवनी का काम करेगी.

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