रांचीः आजसू पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर ने आरोप लगाया है कि नगर निकाय चुनाव में राज्य निर्वाचन आयोग ने झामुमो–कांग्रेस से एजेंट की तरह कार्य किया है.

उन्होंने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग ने झामुमो–कांग्रेस के इशारे पर राज्य भर के लाखों मतदाताओं को वोट देने से वंचित रखने की साजिश की. साथ ही कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग ने इतिहास रच दिया क्योंकि एक ही परिवार के सदस्यों को दो से तीन बूथों में बांट दिया.
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यहां तक कि केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और उनकी पत्नी का वार्ड भी अलग अलग कर दिया गया. यह नगर निकाय चुनाव झारखंड में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के इतिहास में काला अध्याय साबित हुआ है.
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मतदाता एक बूथ से दूसरे बूथ भागते रहे
मतदाता एक बूथ से दूसरे बूथ और एक वार्ड से दूसरे वार्ड भागते रहे, लेकिन उन्हें अपना नाम नहीं मिल पा रहा था. उन्होंने कहा कि पूरा विश्व डिजिटल की ओर बढ़ रहा है. एयरपोर्ट और ट्रेन में डिजिटल रूप में पहचान पत्र स्वीकार किया जाता है, लेकिन झारखंड में बूथों पर सिर्फ प्रिंटेड पहचान पत्र ही स्वीकार किया जा रहा था.

