Ranchi: राजधानी के व्यस्ततम व्यापारिक इलाके अपर बाजार स्थित इंडियन बैंक की शाखा में सुरक्षा में बड़ी चूक का मामला सामने आया है. बीती 7 अप्रैल को दोपहर करीब 1:06 बजे दो अज्ञात युवकों ने बैंक के ‘इंटरनल प्रोसेसिंग एरिया’ में अनधिकृत रूप से प्रवेश किया और वहां रखे महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेजों का बंडल चोरी कर लिया. मामले की गंभीरता को देखते हुए शाखा प्रबंधक कुमार सर्वजीत ने कोतवाली थाने में 20 अप्रैल को प्राथमिकी दर्ज कराई है.
बैंक के अनुसार, चोरी हुए बंडल में 30 मार्च 2026 की तारीख के ओरिजिनल रिकॉर्ड्स थे. ग्राहकों के ओरिजिनल चेक और विड्रॉल स्लिप (निकासी पर्ची). एटीएम एप्लीकेशन फॉर्म और ग्राहकों के अनुरोध पत्र (जिनमें मोबाइल नंबर, एड्रेस जैसी निजी जानकारी होती है. डिपॉजिट स्लिप और अन्य ट्रांजैक्शन वाउचर शामिल है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
सीसीटीवी में कैद हुई करतूत, साक्ष्य सुरक्षित
वारदात के समय बैंक में सामान्य कामकाज चल रहा था. दोनों आरोपी ‘विजिटर’ बनकर अंदर घुसे और प्रोसेसिंग डेस्क से फाइलों का बंडल उड़ा लिया. यह पूरी घटना बैंक में लगे हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है. बैंक प्रबंधन ने डिजिटल एविडेंस को सुरक्षित कर लिया है और इसे भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 63 के तहत पुलिस को सौंपने की तैयारी कर ली है.
बैंक ने बताया FIR में देरी क्यों?
बैंक प्रबंधन ने पुलिस को बताया कि घटना के बाद काफी समय तक दस्तावेजों को बैंक की विभिन्न अलमारियों में तलाशा गया. सीसीटीवी फुटेज की विस्तृत जांच और आंतरिक मिलान करने के कारण शिकायत देने में देरी हुई. चोरी हुए दस्तावेजों में ग्राहकों के हस्ताक्षर वाले चेक और निजी जानकारी शामिल है. बैंक को डर है कि इन ‘नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स’ का गलत इस्तेमाल कर वित्तीय धोखाधड़ी या जालसाजी की जा सकती है, जिससे बैंक और ग्राहकों को भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है.
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