Jamshedpur: जिले के बहरागोड़ा स्थित स्वर्णरेखा नदी से बरामद किया गया द्वितीय विश्व युद्ध के समय का शक्तिशाली सिलेंडरनुमा बम आज (बुधवार) सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया जाएगा. भारतीय सेना की विशेषज्ञ टीम और जिला प्रशासन ने इसे निष्क्रिय करने की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और घेराबंदी
बम की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. सेना की टीम ने जिला पुलिस के सहयोग से उस स्थान की घेराबंदी कर दी है जहां बम को निष्क्रिय किया जाना है. प्रशासन द्वारा आस-पास के ग्रामीणों और नागरिकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित क्षेत्र से दूर रहें.
Also Read: झारखंड के जिलों में डायरेक्ट नियुक्त हुए SP रैंक के IPS की बढ़ी भागीदारी
कैसे मिला यह बम?
हाल ही में स्वर्णरेखा नदी में खनन या जलस्तर कम होने के दौरान इस विशालकाय सिलेंडरनुमा बम को देखा गया था. ग्रामीणों की सूचना पर स्थानीय पुलिस ने इसे अपने कब्जे में लिया था. विशेषज्ञों के अनुसार, यह बम द्वितीय विश्व युद्ध के समय का है, जो दशकों से नदी की तलहटी में दबा हुआ था. हालांकि यह काफी पुराना है, लेकिन इसके भीतर मौजूद विस्फोटक अभी भी बेहद घातक हो सकते हैं.
सेना की स्पेशल टीम करेगी ऑपरेशन
इस बम को डिफ्यूज करना स्थानीय पुलिस के बस की बात नहीं थी, जिसके बाद भारतीय सेना के बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया. सेना के इंजीनियरों और विशेषज्ञों ने बम की बनावट और उसकी मारक क्षमता का आकलन करने के बाद इसे सुरक्षित रूप से नष्ट करने का प्लान तैयार किया है
