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शहीद तेलंगा खड़िया के शहादत दिवस पर CM हेमंत सोरेन ने दी श्रद्धांजलि,जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए उनका बलिदान सदैव प्रेरणादायी

RANCHI: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड की माटी के वीर सपूत और जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिए अंग्रेजों...

RANCHI: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड की माटी के वीर सपूत और जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिए अंग्रेजों व महाजनों के विरुद्ध बिगुल फूंकने वाले अमर वीर शहीद तेलंगा खड़िया के शहादत दिवस पर उन्हें भावपूर्ण नमन किया है.मुख्यमंत्री ने तेलंगा खड़िया के अदम्य साहस को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन हमें अन्याय के विरुद्ध डटकर खड़े रहने की शक्ति प्रदान करता है.

शोषकों के खिलाफ क्रांति के प्रतीक थे तेलंगा खड़िया
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने संदेश में कहा कि तेलंगा खड़िया ने उस दौर में अंग्रेजों और स्थानीय महाजनों के शोषण और अत्याचार के खिलाफ विद्रोह किया,जब आदिवासी समाज के अधिकारों पर प्रहार किया जा रहा था.उन्होंने न केवल हथियार उठाए,बल्कि आदिवासी समाज को संगठित कर अपने स्वाभिमान और हक-अधिकार की रक्षा के लिए प्रेरित किया.तेलंगा खड़िया ने जल,जंगल और जमीन के अधिकारों की लड़ाई को अपनी विशिष्ट पहचान बनायी.आदिवासी समाज के मान-सम्मान और गौरव की रक्षा के लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया.उनका बलिदान वर्तमान पीढ़ी को अन्याय के खिलाफ निरंतर संघर्ष करने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की सीख देता है.

कौन थे तेलंगा खड़िया?
तेलंगा खड़िया झारखंड के गुमला जिले के एक महान क्रांतिकारी थे.उन्होंने अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों के खिलाफ जोड़ी पंचायत बनाकर आदिवासियों को प्रशिक्षित किया और गुरिल्ला युद्ध के जरिए ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिला दी थी. आज भी उनके द्वारा स्थापित सिद्धांत झारखंड की अस्मिता की लड़ाई का आधार माने जाते हैं.

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