Gumla: गुमला जिला ने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता का परिचय देते हुए 10वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में पूरे झारखंड में सर्वोच्च स्थान हासिल किया है. झारखंड अधिविद्य परिषद द्वारा आयोजित इस परीक्षा में जिले का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 99.32% रहा. बोर्ड परीक्षा विजय अभियान के तहत मेहनत, मॉनिटरिंग और मार्गदर्शन से जिले ने नया कीर्तिमान रचा. जिले से 10 हजार से अधिक विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए, जबकि स्टेट सेकेंड टॉपर सूची में भी जिले के दो विद्यार्थियों ने जगह बनाई.
जिले से कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में कुल 13,760 विद्यार्थी सम्मिलित हुए थे, जिसमें 13,667 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए. विद्यार्थियों के शानदार प्रदर्शन का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 10,254 बच्चों ने प्रथम श्रेणी हासिल की, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है. इसके साथ ही राज्य स्तर पर सेकेंड टॉपर सूची में भी जिले के दो विद्यार्थियों ने स्थान बनाया है.
बोर्ड परीक्षा विजय अभियान का मिला परिणाम
इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे जिला शिक्षा विभाग के समन्वय में जिला प्रशासन की सुदृढ़ रणनीति और निरंतर प्रयास रहे. पूर्व उपायुक्त के नेतृत्व में, वर्तमान उपायुक्त एवं अपर समाहर्ता की देखरेख में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया.
जिले में जिला कंट्रोल यूनिट का गठन, शिक्षकों की कोर टीम, पदाधिकारियों की जिम्मेदारी तय करना और नियमित अनुश्रवण जैसे कई कदम उठाए गए. पूर्व उपायुक्त द्वारा वीडियो कॉल के माध्यम से विद्यालयों की निगरानी की जाती थी, वहीं वर्तमान उपायुक्त द्वारा भी लगातार विद्यालयों का अनुश्रवण कर विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया जा रहा है.
उपायुक्त ने टीम वर्क को दिया श्रेय
उपायुक्त ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “यह सफलता टीम वर्क, सतत मॉनिटरिंग और शिक्षकों सहित सभी शिक्षा कर्मियों तथा जिला एवं प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों के समर्पण का परिणाम है. हमारे विद्यार्थियों ने कठिन परिश्रम से यह मुकाम हासिल किया है. हमें विश्वास है कि 12वीं बोर्ड में भी गुमला जिला इसी प्रदर्शन को दोहराएगा.”
नवाचारी प्रयासों से बदली तस्वीर
बोर्ड परीक्षा की तैयारी को लेकर जिला परियोजना कार्यालय में बीपीओ की प्रतिनियुक्ति की गई. पिछले दो वर्षों में शिक्षा कर भेंट गतिविधि, बोर्ड परीक्षा विजय अभियान, नियमित मॉनिटरिंग, सिलेबस पूर्णता, मॉडल प्रश्नों का अभ्यास, प्री-बोर्ड परीक्षा, शीतकालीन विशेष गृहकार्य और कमजोर छात्रों के लिए रेमेडियल कक्षाओं जैसे कई नवाचारी प्रयास किए गए.
सभी की मेहनत से मिली सफलता
जिले की इस उपलब्धि में शिक्षा परियोजना, डायट गुमला, शिक्षकों की कोर टीम, विद्यालय प्रधान, विषय शिक्षक, बीईओ, बीपीओ, बीआरसी-सीआरसी कर्मियों का सराहनीय योगदान रहा.
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर अपर समाहर्ता, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक सहित अन्य पदाधिकारियों ने परिणाम की सराहना करते हुए इसे शिक्षकों की मेहनत, विद्यार्थियों की लगन और अभिभावकों के सहयोग का संयुक्त परिणाम बताया. जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने सभी छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है.
