Bokaro: नशीले पदार्थों के सेवन और उनकी अवैध तस्करी पर रोक लगाने को लेकर जिला प्रशासन की ओर से बुधवार को समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में एक दिवसीय जिला स्तरीय जागरूकता कार्यशाला सह सेमिनार का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार ने की. कार्यशाला की शुरुआत उप विकास आयुक्त सहित अन्य अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर की.
नशे के खिलाफ जागरूकता जरूरी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त ने कहा कि नशीले पदार्थों का सेवन न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है. उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की लत से बचाने और समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं. सभी विभागों, शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों को इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभानी होगी.

उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों का बढ़ता इस्तेमाल समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है. खासकर युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए व्यापक जागरूकता की जरूरत है. नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवार और भविष्य को प्रभावित करता है तथा अपराध और असामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देता है. उन्होंने सभी विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, आंगनबाड़ी केंद्रों, जीविका समूहों और सामाजिक संगठनों से मिलकर इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया.
लोगों से की अपील
उप विकास आयुक्त ने आम लोगों से अपील की कि वे खुद नशे से दूर रहें और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी इसके नुकसान के बारे में जागरूक करें. उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों की भागीदारी से ही नशा मुक्ति अभियान सफल हो सकता है.
मौके पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी (डीएसडब्ल्यूओ) डॉ. सुमन गुप्ता ने कहा कि नशीले पदार्थों के दुरुपयोग को रोकना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की इसमें भागीदारी जरूरी है. उन्होंने कहा कि नशे की लत युवाओं के भविष्य को प्रभावित करती है और परिवारों को सामाजिक तथा आर्थिक रूप से कमजोर बनाती है.
उन्होंने बताया कि 25 जून 2026 तक चलने वाले जागरूकता अभियान के दौरान विद्यालयों, महाविद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, जीविका समूहों और पंचायत स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इसके माध्यम से लोगों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले नुकसान, कानूनी प्रावधानों और नशामुक्त जीवन के महत्व की जानकारी दी जाएगी.
जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार
मौके पर जिला जनसंपर्क पदाधिकारी (DPRO) रवि कुमार ने कहा कि नशीले और प्रतिबंधित पदार्थों का दुरुपयोग समाज और विशेष रूप से युवाओं के भविष्य के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है. इसकी रोकथाम के लिए जागरूकता सबसे प्रभावी माध्यम है. विद्यालयों, महाविद्यालयों, पंचायतों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से व्यापक अभियान चलाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि सूचना एवं जनसंपर्क विभाग विभिन्न माध्यमों से नशा विरोधी संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार करेगा.
मौके पर पुलिस उपाधीक्षक (नगर) राजीव रंजन ने कहा कि मादक पदार्थों का अवैध कारोबार और सेवन कानूनन अपराध है. युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए पुलिस प्रशासन लगातार सतर्क और सक्रिय है. उन्होंने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि परिवार और समाज की शांति और सुरक्षा को भी प्रभावित करता है.
उन्होंने लोगों से अपील की कि कहीं भी नशीले पदार्थों की बिक्री, तस्करी या सेवन की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचना दें. सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी.
25 जून तक चलेगा अभियान
कार्यशाला में बताया गया कि जिले में 10 जून से 25 जून 2026 तक नशीले पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. इसके तहत जिले के सभी प्रखंडों, पंचायतों, विद्यालयों, महाविद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.
अभियान के दौरान जागरूकता रैली, शपथ ग्रहण, नुक्कड़ नाटक, पोस्टर प्रतियोगिता, सेमिनार, जनसंवाद और अन्य जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा.
कार्यक्रमों की रूपरेखा
कार्यशाला में नशा मुक्त भारत अभियान के लिए प्रशिक्षण प्राप्त बाल विकास परियोजना पदाधिकारी चंदा रानी और तीन महिला पर्यवेक्षिकाओं ने अपने अनुभव साझा किए. साथ ही चंदनकियारी और बीएस सिटी की बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों ने भी प्रशिक्षण से जुड़ी जानकारियां प्रतिभागियों को दीं.
- 11 से 12 जून 2026 – ग्राम स्तर पर चौपाल
- 16 से 17 जून 2026 – प्रखंड स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम
- 18 से 20 जून 2026 – हाट-बाजारों में जागरूकता अभियान
- 22 से 23 जून 2026 – पंचायत स्तरीय कार्यक्रम
- 24 से 25 जून 2026 – जिला स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम और सेमिनार
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को अभियान के सफल संचालन के लिए आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया गया. साथ ही आम लोगों से नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने और नशीले पदार्थों के सेवन तथा तस्करी के खिलाफ जागरूक रहने की अपील की गई.
