RANCHI: झारखंड मुक्ति मोर्चा ने गढ़वा के भाजपा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी के पैतृक आवास पर हुई चोरी की घटना को लेकर निशाना साधा है. झामुमो ने इस चोरी को महज एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि एक सस्पेंस थ्रिलर करार दिया है, जिसमें चोरों से ज्यादा चर्चा विधायक की अनुपस्थिति की हो रही है. विधायक जी क्षेत्र की खुशहाली में तो गायब रहते हैं, लेकिन जहां कहीं भी अराजकता या उन्माद की सुगबुगाहट होती है, वहां वह वीडियो कॉल के जरिए तुरंत डिजिटल हाजिरी लगा देते हैं.
डिजिटल विधायक और रेयर उपस्थिति
झामुमो का कहना है कि यह राज्य का संभवतः पहला ऐसा मामला होगा जहां पुलिस के खोजी कुत्तों को चोरों से पहले घर के मालिक का लोकेशन ट्रेस करना पड़ेगा. सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए कहा गया कि बरसों से बंद पड़े इस घर में विधायक जी आखिरी बार कब कदम रखे थे, इसका डेटा शायद गूगल के पास भी नहीं है.गढ़वा की जनता जब तीज-त्योहार मनाती है, तब तिवारी जी की मौजूदगी किसी दुर्लभ खगोलीय घटना जैसी होती है.
चोर और मालिक की तलाश
गढ़वा की स्थानीय राजनीति में इस घटना ने एक नया मोड़ ले लिया है. झामुमो ने चुटकी लेते हुए कहा है कि खोजी कुत्तों के लिए इस बार डबल अचीवमेंट का मौका है. उन्हें एक साथ दो बड़े काम करने हैं,चोरी का माल बरामद करना और चोर को पकड़ना और क्षेत्र से गायब विधायक जी का सही लोकेशन ढूंढना. अब झामुमो ने उसी को हथियार बनाते हुए कहा है कि जो विधायक खुद को क्षेत्र का हितैषी बताते हैं, आज गढ़वा की जनता और अब पुलिस भी उन्हें ही ढूंढ रही है.
