RTE : 641 चयनित बच्चों में सिर्फ 264 का हुआ निजी स्कूलों में एडमिशन, कई बड़े स्कूलों में एक भी प्रवेश नहीं

Manish Bhardwaj Ranchi : शिक्षा का अधिकार (त्ज्म्) अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को...

Manish Bhardwaj

Ranchi : शिक्षा का अधिकार (त्ज्म्) अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने की प्रक्रिया धीमी है. जिला में इस वर्ष आरटीई के तहत कुल 1158 सीटें उपलब्ध कराई गई थीं. जिनके लिए लॉटरी के माध्यम से 641 बच्चों का चयन किया गया था. हालांकि चयनित बच्चों में से अब तक केवल 264 बच्चों का ही एडमिशन हो सका है. जबकि 368 बच्चों का प्रवेश अभी भी लंबित है.

डीएवी कपिलदेव और कैंब्रियन में एक भी एडमिशन नहीं

आंकड़ों से जानकारी मिली कि डीएवी कपिलदेव पब्लिक स्कूल में आरटीई के तहत 10 बच्चों के प्रवेश का प्रावधान था, लेकिन अब तक एक भी बच्चे का नामांकन नहीं हो पाया है. इसी तरह कैंब्रियन पब्लिक स्कूल, कांके में चयनित 5 बच्चों में से किसी का भी प्रवेश नहीं हुआ है. वहीं दिल्ली पब्लिक स्कूल में 36 बच्चों के नामांकन की व्यवस्था होने के बावजूद अब तक एक भी बच्चे का एडमिशन नहीं लिया गया है.

कुछ स्कूलों ने लिया एडमिशन

दूसरी ओर कुछ विद्यालयों ने आरटीई के प्रति गंभीरता दिखाते हुए सभी चयनित बच्चों का प्रवेश पूरा कर लिया है. डीएवी हेहल, शारदा ग्लोबल स्कूल समेत कई स्कूलों में शत-प्रतिशत एडमिशन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. इससे यह स्पष्ट होता है कि इच्छाशक्ति होने पर आरटीई के तहत प्रवेश प्रक्रिया को समय पर पूरा किया जा सकता है. हालांकि कई स्कूल प्रबंधन अपनी सफाई में गर्मी की छुट्टियों का हवाला दे रहे हैं. स्कूल संचालकों का कहना है कि अवकाश के कारण अभिभावकों और स्कूल प्रशासन के बीच समन्वय प्रभावित हुआ है. जिसके चलते प्रवेश प्रक्रिया में देरी हुई है. उनका दावा है कि स्कूल खुलने के साथ ही लंबित एडमिशन तेजी से पूरे कर लिए जाएंगे.

जिला शिक्षा अधीक्षक कर रहे निगरानी

इधर जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज स्वयं मामले की निगरानी कर रहे हैं. डीएसई कार्यालय की ओर से लगातार संबंधित स्कूलों से संपर्क किया जा रहा है और उन्हें जल्द से जल्द चयनित बच्चों का एडमिशन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जा रहा है. शिक्षा विभाग का उद्देश्य है कि आरटीई के तहत चयनित कोई भी बच्चा शिक्षा के अपने अधिकार से वंचित न रहे.

प्रशासन का कहना है कि यदि कोई विद्यालय जानबूझकर एडमिशन प्रक्रिया में देरी करता है या चयनित बच्चों को प्रवेश देने में आनाकानी करता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. शिक्षा विभाग ऐसे स्कूलों की सूची तैयार कर रहा है जहां नामांकन की प्रगति संतोषजनक नहीं है.

 

ALSO READ : हाईकोर्ट ने TGT मामले से जुड़े मीना कुमारी प्रकरण में इंटरवेनर्स आवेदन किया स्वीकार, JSSC को पक्षकार बनाने का निर्देश

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *